यूजीसी बिल कमजोर करने की कोशिश हुई तो होगा उग्र आंदोलन: आजाद समाज पार्टी

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जयपुर/गाजियाबाद/नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने यूजीसी बिल का खुलकर समर्थन करते हुए इसके विरोध में खड़ी ताकतों को कड़ी चेतावनी दी है। पार्टी की राष्ट्रीय कोर टीम के सदस्य तथा राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी सत्यपाल चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि यदि इस बिल को रोकने या कमजोर करने की कोशिश की गई तो पार्टी सड़क से लेकर संसद तक उग्र आंदोलन करेगी।

सत्यपाल चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अब वह दौर खत्म हो चुका है,जब मंडल कमीशन के समय सामंतवादी ताकतों ने पिछड़े वर्गों को आपस में लड़ाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में जिन ओबीसी जातियों—जाट, गुर्जर, यादव, सैन, प्रजापति, कश्यप, कोरी, सैनी, बिंद, कुशवाहा, लोधी, बघेल आदि को आरक्षण का लाभ मिलना था। उन्हीं समाजों के युवाओं को भ्रमित कर आंदोलन और आत्मदाह की राह पर धकेल दिया गया।

चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी बिल में समानता और सामाजिक न्याय की बात कही गई है। जो सामंतवादी सोच रखने वालों को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बिल केवल एससी, ओबीसी और मुस्लिम वर्ग के लिए ही नहीं, बल्कि सामान्य वर्ग के ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग छात्रों के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी बिल का विरोध करने वाले लोग पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, गरीबों और दिव्यांगों सभी के हितों के खिलाफ खड़े हैं।

सत्यपाल चौधरी ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चन्द्रशेखर आज़ाद का रुख इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि हम इस बिल के समर्थन में जान की बाजी लगाने को तैयार हैं। यह बिल देश की 95 प्रतिशत आबादी के हित में है। ऐसे में महज 5 प्रतिशत लोगों का विरोध कोई मायने नहीं रखता।

आजाद समाज पार्टी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि यूजीसी बिल को रोकने या कमजोर करने का प्रयास किया गया तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगी।

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