जयपुर। शहर के प्रमुख श्री गणेश मंदिरों में पुष्य नक्षत्र एवं मनोकामना दिवस पर एक फरवरी को पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। रवि पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर और पूर्णिमा तिथि के शुभ संयोग पर मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर समेंत शहर के कई गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्या का अभिषेक किया जाएगा। जिसके पश्चात श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र व सुपारी का वितरण किया जाएगा।
मंदिर महंत पं. कैलाश शर्मा के सान्निध्य में सुबह 8 बजे भगवान श्री गणेश जी महाराज का 151 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा 5 किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से अभिषेक किया जाएगा।
अभिषेक की शुरुआत गंगाजल, केवड़ा जल एवं गुलाब जल से होगी, इसके बाद पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। अंत में गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया जाएगा। सुबह 11 बजे भगवान श्री गणपति को सहस्त्रनाम पाठ के साथ 1001 मोदकों का भोग अर्पित किया जाएगा।
इस अवसर पर भगवान श्री गणेश जी फूल बंगले में विराजमान होंगे एवं नवीन आकर्षक पोशाक धारण करेंगे। साथ ही भगवान को विशेष भोग के रूप में खीर अर्पित की जाएगी।
भक्तों को देंगे रक्षा सूत्र-सुपारी: प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का अभिषेक करने के पश्चात श्रद्धालुओं को अभिमंत्रित रक्षा सूत्र व सुपारी का वितरण किया जाएगा।




















