जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान के अल फुरकान एजुकेशन ट्रस्ट (एईटी) और उसके प्रमोटर मोहम्मद सादिक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ कट्टरपंथ, अवैध धर्मांतरण, हवाला कारोबार और अवैध हथियार तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 30 जनवरी को जयपुर स्थित पीएमएलए कोर्ट में पेश की गई।
ईडी सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट पर वास्तविक नियंत्रण साजिद के पास था, जो बीकानेर स्थित मस्जिद-ए-आयशा का संचालन करता था। आरोप है कि उसने धार्मिक, सामाजिक और मानवीय कार्यों के नाम पर जुटाए गए डोनेशन का योजनाबद्ध तरीके से दुरुपयोग किया। जांच में सामने आया कि ट्रस्ट ने बड़ी मात्रा में नकद डोनेशन एकत्र किए, जिनका न तो समुचित लेखा-जोखा रखा गया और न ही ऑडिट या आयकर रिटर्न दाखिल किए गए।
इसके अलावा विदेश से प्राप्त 64 लाख रुपए की राशि को बिना अनुमति एफसीआरए नियमों का उल्लंघन करते हुए ट्रस्ट के खाते में डलवाया गया और उसे वैध चैरिटेबल डोनेशन के रूप में दर्शाया गया। ईडी ने इस मामले में राजस्थान पुलिस की दो एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। सितंबर 2025 में बीकानेर में ट्रस्ट से जुड़े ठिकानों पर छापे भी मारे गए।
जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी साजिद अवैध हथियारों की खरीद, भंडारण और सप्लाई में शामिल था। पुलिस की चार्जशीट, बरामदगी और गवाहों के बयानों में उसके द्वारा देसी पिस्तौल व कारतूसों के इस्तेमाल और हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता का उल्लेख है। ईडी के अनुसार आरोपी ने भड़काऊ भाषणों और सार्वजनिक सभाओं के जरिए सांप्रदायिक भावनाओं का दोहन कर धन जुटाया और धार्मिक-चैरिटेबल गतिविधियों की आड़ में अपने वित्तीय व आपराधिक नेटवर्क को छिपाया।


















