कला का महापर्व ‘पिंकफेस्ट 2026: 6 से 8 फरवरी को होगा साहित्य, कला और ज्ञान का उत्सव

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जयपुर। राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं और वैश्विक कलारूपों के संगम के रूप में ‘पिंकफेस्ट 2026’ का आयोजन 6 से 8 फरवरी 2026 तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में किया जाएगा। यह तीन दिवसीय उत्सव कला, साहित्य और प्रदर्शनकारी विधाओं का ऐसा मंच होगा, जहाँ परंपरा और आधुनिकता का सशक्त संवाद देखने को मिलेगा।

पिंकफेस्ट में देश-विदेश के ख्यात कलाकार, लेखक, विचारक और संस्कृति-प्रेमी एक मंच पर एकत्र होंगे। इस दौरान 300 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत आर्ट इंस्टॉलेशन और पेंटिंग्स दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी। विशेष रूप से रूस, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कलाकारों की कृतियाँ उत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्रदान करेंगी।

आयोजन के बारे में बात करते हुए आयोजक सत्यजीत तालुकदार ने कहा, “कला और संस्कृति समाज की आत्मा होती हैं और पिंकफेस्ट उसी आत्मा को अभिव्यक्ति देने का माध्यम है। हमारा प्रयास है कि यह उत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े और रचनात्मकता के नए द्वार खोले। इसी सांस्कृतिक दृष्टि के अंतर्गत पिंकफेस्ट 2026 के पोस्टर का विमोचन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा किया गया, जो इस उत्सव की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्ता को रेखांकित करता है।”

तीन दिन कला साहित्य प्रेमियों के लिए रहेंगे खास

तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक महोत्सव में 150 से अधिक वक्ताओं द्वारा कला संवाद, साहित्यिक संवाद, थिएटर वर्कशॉप, ओपन माइक, शास्त्रीय नृत्य-संगीत प्रस्तुतियाँ तथा राजस्थानी भाषा की फिल्मों पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।

6 फरवरी 2026 (शुक्रवार): पहले दिन कला प्रदर्शनी, कला संवाद एवं पुस्तक विमोचन, ताना–बाना कल्चर वॉक, सृष्टि मंडपम् (पैवेलियन ऑफ कॉस्मॉस), डिज़ाइन प्रदर्शनी, डिज़ाइन अकादमिक सत्र एवं कार्यशाला, ओपन माइक लाइव सत्र तथा पिकासो प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। परफ़ॉर्मिंग आर्ट के अंतर्गत संस्कृति प्रस्तुतियाँ और नाटक “दो अकेली” का मंचन होगा। साहित्यिक मंच पर सोशल मीडिया का कला एवं कलाकार पर प्रभाव विषय पर संवाद सत्र, “नृत्यमन – द जॉय ऑफ डांस” शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ एवं कार्यशाला तथा मजलिस समूह द्वारा कविता सत्र “सफरनामा” आयोजित किया जाएगा। ऑथर्स कॉर्नर में पुस्तक विमोचन एवं पुस्तक समीक्षा होगी।

7 फरवरी 2026 (शनिवार): दूसरे दिन कला प्रदर्शनी, साहित्यिक संवाद एवं पुस्तक विमोचन, सृष्टि मंडपम्, डिज़ाइन प्रदर्शनी, डिज़ाइन अकादमिक सत्र एवं कार्यशाला, ओपन माइक लाइव सत्र तथा पिकासो प्रदर्शनी आयोजित होंगी। परफ़ॉर्मिंग आर्ट के अंतर्गत “ढाई आखर प्रेम के” काव्य पाठ, फ़िल्म प्रदर्शन, “बातां राजस्थानी सिनेमा की” संवाद सत्र तथा “शब्द संसार” पुस्तक पाठ एवं संवाद होगा। साहित्यिक मंच पर “भारत बोध” संवाद सत्र, “पदन्यास” शास्त्रीय कथक नृत्य प्रस्तुति तथा “सीतायन” पुस्तक विमोचन एवं समीक्षा आयोजित की जाएगी। ऑथर्स कॉर्नर में पुस्तक विमोचन, पुस्तक समीक्षा तथा “श्रृंगार – द रसा ऑफ ब्यूटी” क्यूरेटेड शो होगा।

8 फरवरी 2026 (रविवार): समापन दिवस पर कला प्रदर्शनी, कला संवाद एवं पुस्तक विमोचन, सृष्टि मंडपम्, डिज़ाइन प्रदर्शनी, डिज़ाइन अकादमिक सत्र एवं कार्यशाला, ओपन माइक लाइव सत्र तथा पिकासो प्रदर्शनी आयोजित होंगी। परफ़ॉर्मिंग आर्ट के अंतर्गत साहित्य संवाद (पैनल 1, 2 एवं 3), “हैलो मायड़ भाषा रो” राजस्थानी भाषा संवाद, “नाट्यानुभव” बाल रंगमंच एवं कार्यशाला तथा नाटक “अजब चोर की गजब कहानी” का मंचन होगा। साहित्यिक मंच पर “हौसलों की उड़ान” आईएएस अभ्यर्थियों से संवाद, “जीवन के रंग योग के संग”, “जयपुर से आत्मस्मरण” तथा “मैं शायर तो नहीं” साहित्यिक सत्र आयोजित किया जाएगा। ऑथर्स कॉर्नर में पुस्तक विमोचन एवं पुस्तक समीक्षा होगी।

प्रबुद्ध कलाकार जिनकी पेंटिंग इस प्रदर्शनी में आकर्षण का विषय रहेंगी

पद्मश्री थोटा बैकुंठम, पद्मश्री श्यामसुंदर शर्मा, पद्मश्री अद्वैत गणनायक, लालू प्रसाद शॉ, गोगी सरोज पाल, लक्ष्मण एले, नीरज गोस्वामी, धर्मेंद्र राठौर साहित देश विदेश के कई ख्यात नाम चित्रकारों की कृतियां प्रदर्शित की जाएगी।

‘पिंकफेस्ट 2026’ का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक वैभव को नए प्रतिमान देना और युवा रचनाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। यह उत्सव स्थापित कलाकारों के साथ-साथ उभरती प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास है।

प्रमुख अतिथि एवं सहभागी कलाकार

इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में कला, साहित्य और संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित विभूतियाँ अपनी सहभागिता निभाएंगी। इनमें भरत गुप्त (वाइस चेयरमैन, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा), पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ चित्रकार श्याम सुंदर शर्मा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति केंद्र के डीन-डायरेक्टर रमेश सी गॉड, लेखक नर्मदा प्रसाद उपाध्याय एवं प्रशांत मिश्रा, जाने-माने प्रोड्यूसर-डायरेक्टर कासी बोकाडिया, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के पूर्व निदेशक राजीव लोचन, प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना डॉ. रिला होता तथा प्रोफेसर हिमाद्री घोष सहित देश-विदेश के अनेक ख्यातनाम चित्रकार, चिंतक एवं परफॉर्मिंग आर्ट के पुरोधा शामिल होंगे।

कला, साहित्य और संस्कृति के इस महापर्व के माध्यम से सौंदर्यबोध, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और रचनात्मक ऊर्जा को जनमानस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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