मुंबई: शोहरत की चकाचौंध में अक्सर दिल की आवाज़ दब जाती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कैमरों से दूर, खामोशी में इंसानियत के सबसे बड़े काम कर जाते हैं। अभिनेत्री काशिका कपूर ने कुछ ऐसा ही किया। 15 आवारा कुत्तों को गोद लेकर न सिर्फ़ उन्हें एक घर दिया, बल्कि अपने घर की पूरी एक मंज़िल उनके नाम कर दी। यह कहानी किसी स्टारडम की नहीं, बल्कि उस करुणा की है जो बिना शर्त प्यार को जीवन का मकसद बना लेती है। काशिका ने यह साबित कर दिया कि असली स्टार वही है, जो ज़िंदगियों को रोशनी दे सके।
काशिका का जानवरों के प्रति प्यार कोई नया नहीं है। उनके करीबियों का कहना है कि यह संवेदनशील सफर उनके अपने पालतू कुत्ते गुच्ची से शुरू हुआ था। एक साथी के साथ बने रिश्ते ने धीरे-धीरे एक ऐसे मिशन का रूप ले लिया, जिसमें सड़कों पर अनदेखे रह जाने वाले जानवरों को सुरक्षा, सम्मान और प्यार देना शामिल है।
अभिनेत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि इन कुत्तों को सिर्फ आश्रय ही नहीं, बल्कि पूरी देखभाल मिले—खुलकर घूमने की जगह, सही मेडिकल ट्रीटमेंट, पौष्टिक आहार और सबसे बढ़कर भरपूर स्नेह। अपने फैसले के बारे में बात करते हुए काशिका कपूर ने भावुक शब्दों में कहा, “जानवरों के लिए मेरा प्यार गुच्ची से शुरू हुआ, जिसने मुझे बिना शर्त प्यार का असली मतलब सिखाया। जब आप एक बार वह एहसास महसूस कर लेते हैं, तो ज़रूरतमंदों को नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन हो जाता है। ये कुत्ते मेरे लिए आवारा नहीं हैं—ये मेरा परिवार हैं। अगर मैं इन्हें सुरक्षा, अपनापन और प्यार दे सकती हूं, तो इससे बड़ा सुकून कुछ नहीं।”
काशिका कपूर का यह कदम एक मजबूत संदेश देता है: जब करुणा दिल से आती है, तो उसकी कोई सीमा नहीं होती। आज उनका घर सिर्फ एक निवास नहीं, बल्कि एक ऐसा अभयारण्य बन चुका है, जिसकी नींव एक पालतू कुत्ते गुच्ची से शुरू हुए प्यार पर रखी गई है, जो अब कई और ज़िंदगियों की सुरक्षा का वादा बन गया है।
(अनिल बेदाग)




















