निलंबित लेक्चरर के आत्महत्या के मामले में आया नया मोड, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

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जयपुर। महेश नगर थाना इलाके में निलंबित लेक्चरर के आत्महत्या करने के मामले अब एक नया मोड़ सामने आया है। निलंबित लेक्चरर ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट में एसओजी के दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए है।

मृतक ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट अपने दोस्त को व्हाट्सएप पर सेंड किया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया और सवाई मानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर धरने पर बैठ गए।

थानाधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि सांचौर (जालोर) निवासी मनोहर लाल भादू लेक्चरर था और भर्ती परीक्षा -2022 में डमी कैंडिडेट बिठाने के आरोप में निलंबित चल रहा था। बुधवार देर शाम ने मनोहर लाल भादू ने थाना इलाके में रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। लेकिन आत्महत्या करने से पहले मनोहर लाल भादू ने एक सुसाइड नोट लिख और दोस्त को व्हाट्सएप कर दिया।

जिसमें मृतक ने एसओजी अधिकारियों पर रुपए ऐंठने का आरोप लगाया। आरोप है कि एसओजी अधिकारियों ने जिस मामले में उसे फंसाया है वो उसमें इतना इन्वॉल्व नहीं था। मनोहर लाल भादू सुसाइड नोट में बताया कि उसे डमी कैंडिडेट बिठाने के आरोप में उसे निलंबित किया गया था और इस प्रकरण को लेकर उसके खिलाफ एसओजी जांच कर रहीं थी। इस मामले की जांच में एसओजी अधिकारियों ने मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे रुपए ऐंठने का प्रयास किया।

मृतक मनोहर लाल भादू का मानना है कि वर्ष -2022 से पहले उससे कुछ गलतियां हुई थी। लेकिन अजमेर एसओजी में दर्ज हुए मुकदमें में उसका नाम नहीं था ना ही चालान में एसओजी ने उसका नाम कहीं नहीं दर्शाया था। इसके बाद भी एसओजी अधिकारियों ने कई बार इस मामले में उससे पूछताछ की और रुपए ऐंठने का प्रयास किया।

लेकिन भर्ती परीक्षा दिनेश कुमार को गिरफ्तार करने के बाद मनोहर लाल भादू को इस मामले में जबरन घसीटा गया, मृतक ने सुसाइड नोट में बताया कि इस मामले के अलावा भी दो अन्य मामलों में भी उसका नाम जोड़ा गया।

संगरिया के कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया पहुंचे धरना स्थल पर

मनोहर लाल भादू के आत्महत्या करने की जानकारी मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई और ग्रामीण लोग बुधवार देर रात ही शव लेने के लिए जयपुर आ पहुंचे। लेकिन सुसाइड नोट वायरल होने के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और धरने पर बैठ गए और मनोहर लाल को न्याय दिलवाने की मांग करने लगे। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पोस्टमार्टम करवाने व शव लेने से इनकार कर दिया।

इसी बीच संगरिया के कांग्रेस विधायक अभिमन्यू पूनिया भी धरना स्थल पर आ पहुंचे और ग्रामीणों से मांग की मृतक मनोहर लाल भादू ने सुसाइड नोट में एसओजी के जिन दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारी मृतक के परिजनों से समझाइश करने में जुटे हुए है। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस का जाब्ता भी मौके पर तैनात रहा।

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