जयपुर। गुलाबी नगरी में बढ़ते हुक्का कल्चर और इससे जुड़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाया है । अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में हुक्का बार के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है ।
युवाओं में बढ़ते नशे और अपराध पर अंकुश की तैयारी
पुलिस आदेश के अनुसार, शहर के होटल, रेस्टोरेंट, नाइट क्लब, डिस्कोथेक और फार्म हाउसों में देर रात तक होने वाली हुक्का पार्टियां युवाओं के लिए ‘स्टेटस सिंबल’ बनती जा रही हैं । इन स्थानों पर नशे की हालत में कई आपराधिक घटनाएं भी सामने आई हैं। जन सुरक्षा और लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने यह कड़ा निर्णय लिया है।
06 फरवरी से 06 अप्रैल तक रहेगा प्रभावी
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 06 फरवरी 2026 से प्रभावी होकर 06 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा । इस दौरान जयपुर के किसी भी ईटिंग हाउस, बार या पब में हुक्के का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित होगा । पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान में हुक्का बार संचालन के संबंध में स्पष्ट नियमों के अभाव का फायदा उठाकर संचालक निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे, जिससे कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
अवहेलना की तो दर्ज होगी एफआईआर
आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी संचालक या संस्थान इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दण्डनीय अभियोग चलाया जाएगा। पुलिस ने सभी थानाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




















