जयपुर। गुलाबी नगरी में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और इससे आमजन को होने वाली परेशानियों को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत विशेष निषेधाज्ञा जारी की है। इसके तहत अब शहर में किसी भी सामाजिक या सांस्कृतिक समारोह में बिना अनुमति डीजे या अन्य तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
विद्यार्थियों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य का रखा ध्यान
पुलिस के अनुसार शहर में होने वाले आयोजनों में तेज आवाज में डीजे बजाने से बुजुर्गों,बीमार व्यक्तियों और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है । साथ ही, वर्तमान में चल रही परीक्षाओं के कारण विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इसी लोक व्यवस्था और शांति को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
रात 10 बजे के बाद नहीं मिलेगी अनुमति
आदेश के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति या समूह डीजे का उपयोग करना चाहता है तो उसे संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से पूर्वानुमति लेना अनिवार्य होगा । पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रात 10 बजे से सुबह 06 बजे के बीच किसी भी स्थिति में डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी । अनुमति मिलने के बाद भी आयोजकों को निर्धारित ध्वनि मानकों (डेसीबल सीमा) का पालन करना होगा ।
6 अप्रैल तक लागू रहेंगे नियम
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 06 फरवरी 2026 से प्रभावी होकर 06 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा । आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह बिना अनुमति डीजे बजाते हुए पाया गया या नियमों का उल्लंघन किया, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस ने सभी थानाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में इस आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




















