विदेशी एमबीबीएस डॉक्टरों को फर्जी सर्टिफिकेट बेचने वाला सरगना एसओजी के हत्थे चढ़ा

0
36

जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर आने वाले अभ्यर्थियों को फर्जी स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट मुहैया कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसओजी ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित एक अन्य डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह उन डॉक्टरों को निशाना बनाता था जो भारत में प्रैक्टिस के लिए जरूरी विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) परीक्षा पास नहीं कर पाते थे।

थाईलैंड और दुबई में छिपा था मुख्य आरोपी

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर आने वाले अभ्यर्थियों को फर्जी स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट मुहैया कराने वाले मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू (30) निवासी ब्यावर पिछले काफी समय से फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में ठिकाने बदल रहा था। एसओजी की टीम को सूचना मिली कि वह दिल्ली पहुंचने वाला है। जिस पर टीम ने जाल बिछाकर उसे एयरपोर्ट से दस्तयाब कर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फिलहाल सात फरवरी तक पुलिस रिमांड पर है।

कजाकिस्तान से लौटा डॉक्टर बना दलाल

जांच में एक और चौंकाने वाला नाम सामने आया है। एसओजी ने डॉ. इन्द्रराज सिंह गुर्जर (27) निवासी करौली को भी गिरफ्तार किया है। इन्द्रराज खुद कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर लौटा था। लेकिन परीक्षा पास नहीं कर सका। उसने आरोपी भानाराम को पैसे देकर दिसंबर 2022 का कूटरचित एफएमजीई सर्टिफिकेट प्राप्त किया। इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर उसने अलवर के राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप पूरी की और प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन भी हासिल कर लिया। बाद में वह अन्य अभ्यर्थियों को भी फर्जी सर्टिफिकेट दिलवाने के खेल में शामिल हो गया।

73 अन्य फर्जी डॉक्टरों पर लटकी तलवार

एसओजी की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह ने दर्जनों अभ्यर्थियों को फर्जी दस्तावेज बांटे हैं। वर्तमान में विदेश से डिग्री लेकर आए 73 अन्य डॉक्टरों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है, जिन्होंने संभवत इसी गिरोह के माध्यम से कूटरचित प्रमाणपत्र हासिल किए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में डीआईजी परिस देशमुख के निर्देशन में अनुसंधान अधिकारी हरपाल सिंह और जितेंद्र नवारिया ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here