जयपुर। राजस्थान में निःसंतानता उपचार के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए रितु आईवीएफ ने अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) युक्त स्विफ्ट प्लस बीटी–23 अल्ट्रासाउंड मशीन की स्थापना की है। इसके साथ ही रितु आईवीएफ प्रदेश का पहला ऐसा आईवीएफ केंद्र बन गया है, जहां यह उन्नत तकनीक मरीजों की सेवा में उपलब्ध कराई गई है।
रितु आईवीएफ की निदेशक एवं वरिष्ठ आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. रितु अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान समय में आईवीएफ उपचार केवल अनुभव पर आधारित नहीं रह गया है, बल्कि सटीक तकनीक, आंकड़ों पर आधारित निर्णय और पारदर्शिता इसकी सफलता के प्रमुख आधार हैं। इसी सोच के तहत इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अल्ट्रासाउंड मशीन को संस्थान में शामिल किया गया है, जिससे उपचार की गुणवत्ता और परिणामों में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा।
उन्होंने बताया कि यह मशीन जीई हेल्थकेयर द्वारा विकसित की गई है, जिसमें उन्नत छवि निर्माण तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे फॉलिकल की निगरानी, गर्भाशय की अंदरूनी परत का आकलन तथा आईवीएफ चक्र की समय-सीमा को पहले की तुलना में कहीं अधिक सटीक रूप से निर्धारित किया जा सकेगा।
एआई आधारित तकनीक से अंडाशय की गतिविधियों का सही और समयबद्ध आकलन संभव होगा, जिससे आईवीएफ की सफलता की संभावना बढ़ेगी। स्वचालित मापन और मानकीकृत रिपोर्टिंग के कारण मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और चिकित्सकीय निर्णय अधिक वैज्ञानिक व भरोसेमंद बनेंगे।
रितु आईवीएफ का प्रयास रहा है कि मरीजों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि आधुनिक, विश्वसनीय और परिणाम केंद्रित चिकित्सा प्रणाली उपलब्ध कराई जाए। इसी दिशा में निरंतर नई तकनीकों को अपनाते हुए संस्थान राजस्थान में प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और सशक्त बना रहा है।




















