खेड़ापति हनुमान मंदिर गलता तीर्थ की संपत्ति घोषित, 26 साल पुराने विवाद पर फागी कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

0
36
Khedapati Hanuman Temple declared as property of Galta pilgrimage site.
Khedapati Hanuman Temple declared as property of Galta pilgrimage site.

जयपुर। जयपुर ग्रामीण जिले के माधोराजपुरा स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर को लेकर फागी कोर्ट ने 26 वर्षों से चले आ रहे कानूनी विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) फागी रेखा तिवारी की अदालत ने मंदिर श्री खेड़ापति हनुमानजी को गलता तीर्थ की संपत्ति मानते हुए इसके प्रबंधन,संचालन और नियंत्रण का अधिकार देवस्थान विभाग को सौंपने के आदेश दिए हैं। अदालत के इस फैसले से मंदिर के स्वामित्व और प्रबंधन को लेकर दशकों से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है।

1999 से चल रही थी कानूनी लड़ाई

मामला नवंबर 1999 में फागी कोर्ट में किशनलाल एवं अन्य बनाम मंदिर ठिकाना गलताजी, सार्वजनिक न्यास और देवस्थान विभाग के बीच दायर किया गया था। इस प्रकरण में करीब ढाई दशक तक लगातार बहस, दस्तावेजों की जांच और गवाहियों की प्रक्रिया चली। अंततः सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।

पुजारी पद से हटाने के आदेश

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वर्तमान पुजारी बालकिशन को तत्काल प्रभाव से मंदिर के पुजारी पद से हटाया जाए। साथ ही मंदिर और उससे संबंधित समस्त चल-अचल संपत्तियों के रख-रखाव, आय-व्यय और लेखा-जोखा के लिए प्रशासक नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आय-व्यय रहेगा प्रशासन की निगरानी में

अदालत ने कहा है कि मंदिर की अचल संपत्तियों, दान-पुण्य, चढ़ावे और अन्य स्रोतों से होने वाली आय का पूरा हिसाब-किताब अब प्रशासन के नियंत्रण में रहेगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित अपील पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता।

देवस्थान विभाग संभालेगा प्रबंधन

फैसले के अनुसार मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन और संचालन अब देवस्थान विभाग द्वारा किया जाएगा। विभाग मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा और विकास कार्यों की जिम्मेदारी निभाएगा। इससे मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता आने और संसाधनों के समुचित उपयोग की उम्मीद जताई जा रही है।

श्रद्धालुओं और क्षेत्र पर पड़ेगा असर

माधोराजपुरा स्थित श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कोर्ट के इस फैसले के बाद मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि देवस्थान विभाग के नियंत्रण में आने से मंदिर के संरक्षण, जीर्णोद्धार और सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिलेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here