जयपुर। सेवा और संवेदना की मिसाल पेश करते हुए सेवायाम संस्था ने पाक विस्थापित महिलाओं के जीवन में नई रोशनी भरी है। वाटिका क्षेत्र के मोहनपुरा गांव में रह रहे पाक विस्थापित परिवारों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई है।
यहां महिलाओं को सिलाई कार्य का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। हिंदू शरणार्थी सेवा समिति के सहयोग से इन परिवारों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देना और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जाएगा।
मोहनपुरा गांव में निवास कर रहे 35 परिवारों सहित लगभग 300 पाक विस्थापित लोगों के भरण-पोषण और सामाजिक पुनर्वास में सेवायाम संस्था लगातार सक्रिय है। संस्था की इस पहल से महिलाओं को हुनर मिलेगा और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं को सिलाई मशीन पर कार्य का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे महिलाएं घर बैठे रोजगार कर सकेंगी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएंगी। इसके साथ ही पुरुष वर्ग के लिए भी रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
कार्यक्रम में मौजूद निवर्तमान महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि सेवायाम संस्था की यह पहल महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कौशल देकर आत्मनिर्भर बनाना ही सच्चा सशक्तिकरण है। जब महिला आगे बढ़ती है, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है।
क्षेत्रीय सेवा प्रमुख शिव लहरी जी ने कहा कि भारत देश वसुधैव कुटुंबकम की नीति पर चलता है। सेवा ही हमारा धर्म है। सेवायाम संस्था द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की यह पहल अनुकरणीय है। पाक विस्थापित लोगों और ज्यादा सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। बच्चों की अच्छी शिक्षा और संस्कार के लिए सभी हिन्दू समाज से आगे आने का आह्वान भी किया।




















