सीआईडी (सीबी) की बड़ी स्ट्राइक: सात साल से छलावा दे रहा 10 हजार का ईनामी बदमाश गिरफ्तार

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जयपुर। राजस्थान पुलिस की सीआईडी (सीबी) टीम ने एक बार फिर अपनी पेशेवर दक्षता दिखाते हुए सात वर्षों से फरार चल रहे शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। पुलिस मुख्यालय की विशेष टीम ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर 10 हजार रुपये के ईनामी बदमाश लुकमान मेव को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

धोखाधड़ी और ट्रैक्टर चोरी का मुख्य आरोपी

एसपी ज्येष्ठा मैत्रयी ने बताया कि मामला वर्ष 2019 का है, जब आरोपी लुकमान ने अपने चार-पांच साथियों के साथ मिलकर टोंक के उनियारा क्षेत्र में एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने फाइनेंस की किस्त बाकी होने का झांसा देकर उम्मेद मीना नाम के एक व्यक्ति से उसका ट्रैक्टर छीन लिया था। इस संबंध में थाना उनियारा में धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और षड्यंत्र रचने के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वारदात के बाद से ही लुकमान अपनी पहचान छुपाकर दिल्ली, हरियाणा और मथुरा के विभिन्न इलाकों में फरारी काट रहा था।

सीआईडी (सीबी) की घेराबंदी और एक्शन

पुलिस अधीक्षक मैत्रेयी के सुपरविजन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। गठित टीम में उप निरीक्षक शैलेन्द्र शर्मा व कांस्टेबल बृजेश शर्मा को सटीक इनपुट मिला कि आरोपी फरीदाबाद के सेक्टर 28 में छुपकर रह रहा है और पहचान छुपाने के लिए जेसीबी चलाने का काम कर रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया और दस्तयाब कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी लुकमान मूल रूप से मथुरा उत्तर प्रदेश का निवासी है। उस पर न केवल टोंक में ईनाम घोषित था, बल्कि भरतपुर के कामां थाने में भी आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मामला दर्ज है। पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन शातिर अपराधी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र शर्मा के कुशल नेतृत्व के साथ एएसआई शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कांस्टेबल बृजेश कुमार शर्मा व नरेश कुमार की विशेष भूमिका रही। आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए उनियारा थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।

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