जयपुर । राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत राजस्थान बजट 2026-27 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित एक समावेशी और दूरदर्शी बजट है। यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और “सिटीजन फर्स्ट” के संकल्प के अनुरूप प्रदेश को विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में तेजी से अग्रसर करेगा।
चतुर्वेदी ने कहा कि बजट समाज के सभी वर्गों गरीब, युवा, अन्नदाता किसान, नारी, मजदूर एवं अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” की मूल भावना इस बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, उद्योगों के विस्तार, कृषि एवं पशुपालन के सशक्तीकरण और निवेश प्रोत्साहन से प्रदेश में व्यापक रोजगार सृजन होगा। वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य सरकार की मजबूत आर्थिक दृष्टि को दर्शाता है।
वित्त आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कृषि प्रधान राजस्थान में किसानों और ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल हुई है। युवाओं के लिए नई भर्तियां, कौशल विकास और स्टार्टअप प्रोत्साहन, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के प्रावधान सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रीन बजट के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी—सौर, पवन और जल ऊर्जा—पर विशेष फोकस रखा गया है, जिससे राजस्थान को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।




















