गोविंददेवजी मंदिर में रचना झांकी के साथ हुआ होली महोत्सव का आगाज़

0
51
Thakurji wore black attire in Govind Devji temple
Thakurji wore black attire in Govind Devji temple

जयपुर। छोटी काशी के आराध्य देव श्री गोविंददेवजी मंदिर में रचना झांकी के साथ होली महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। फागोत्सव की शुरुआत के साथ ही मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास के रंगों से सराबोर हो उठा है। होली पर्व तक प्रतिदिन ठाकुरजी की मनोहारी लीलाओं के दर्शन विशेष रचना झांकियों के माध्यम से कराए जाएंगे।

रचना झांकी मंदिर की पारंपरिक और अत्यंत आकर्षक प्रस्तुति मानी जाती है। इसमें ठाकुरजी को रंग-बिरंगी गुलाल से सजी विशेष पोशाक धारण कराई जाती है तथा सूती कपड़े पर प्राकृतिक रंगों से सुंदर मंडाणे सजाए जाते हैं। झांकी में राधा-कृष्ण के संग होली खेलने का प्रतीकात्मक दृश्य साकार किया जाता है, जिससे भक्तों को ब्रज की फाग परंपरा का सजीव अनुभव होता है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार 1 मार्च तक विशेष रचना झांकी के दर्शन कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजभोग झांकी का समय 15 मिनट बढ़ाया गया है। अब राजभोग झांकी सुबह 10:45 से 11:45 बजे तक रहेगी, जिसके बाद रचना झांकी के दर्शन होंगे।

उत्सव के प्रथम दिन 25 प्रकार की प्राकृतिक गुलाल से सजी विशेष झांकी में ठाकुरजी की विविध लीलाओं का दर्शन कराया गया। प्राकृतिक रंगों की सुगंध और भव्य साज-सज्जा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं।
मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह के समय विशेष रचना झांकी सजाई जा रही है। साथ ही राजभोग के साथ इस झांकी का समय तय किया गया है।

व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने दर्शन पंक्तियों और समय प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। गोविंददेवजी मंदिर का यह फागोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का उत्सव है।

रंग-गुलाल से सजे ठाकुर जी के दर्शन भक्तों के लिए आध्यात्मिक आनंद का अनुभव बन रहे हैं। होली पर्व तक चलने वाला यह उत्सव जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here