पश्चिमी विक्षोभ का असर: प्रदेशभर में बारिश–ओलावृष्टि

0
66

जयपुर। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बुधवार को राजस्थान का मौसम अचानक बदला नजर आया। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और दोपहर बाद कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब एक दर्जन स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस बदलाव के चलते दिन के तापमान में अधिकतम छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और वातावरण में ठंडक घुल गई।

मौसम केंद्र के अनुसार सीकर, जयपुर, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, बीकानेर, नागौर, हनुमानगढ़, अजमेर और फलोदी सहित कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इसके अतिरिक्त अधिकांश जिलों में मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ का असर विशेष रूप से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के विभिन्न हिस्सों में देखा गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान में सर्वाधिक 20 मिलीमीटर वर्षा नोहर (हनुमानगढ़) में दर्ज की गई, जबकि पूर्वी राजस्थान में नारायणा (जयपुर) में 27 मिलीमीटर बारिश मापी गई। कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे पेड़ झूम उठे और कुछ जगहों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।

शादी समारोहों के बीच बदला मौसम

जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का असर खास तौर पर देखने को मिला। अचानक तेज अंधड़ और ओलावृष्टि के चलते कई गांवों में खेत-खलिहानों, सड़कों और खुले मैदानों पर ओलों की सफेद परत जम गई। कुछ स्थानों पर चल रहे शादी समारोहों में भी अफरा-तफरी मच गई, हालांकि मौसम शांत होने के बाद कार्यक्रम दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो गए।

किसानों की चिंता बढ़ी

जहां एक ओर इस वर्षा से तापमान में गिरावट और मौसम में राहत मिली है, वहीं ओलावृष्टि से किसानों की चिंता भी बढ़ी है। खेतों में खड़ी रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम केंद्र ने आगामी दिनों में भी आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की है।

अचानक बदले मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव प्रदेश के मौसम पर कितना व्यापक और तीव्र हो सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here