जयपुर। राजधानी में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जयपुर पुलिस ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी बॉयज और गिग वर्कर्स का बड़े स्तर पर पुलिस वेरिफिकेशन अभियान शुरू कर दिया गया है। पिछले दो महीनों में पुलिस ने सौलह हजार से अधिक गिग वर्कर्स का चरित्र सत्यापन किया है। जिनमें से कई लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है।
डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि ये सभी लोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से घर-घर जाकर सामान की डिलीवरी करते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति इस काम के जरिए लोगों के घरों तक न पहुंचे।
डीसीपी दक्षिण ने बताया कि अब तक करीब 16 हजार 500 गिग वर्कर्स का डेटा जुटाकर उनकी पृष्ठभूमि की जांच की गई है। जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस ने संबंधित कंपनियों को इन लोगों के बारे में सूचित कर दिया है और ऐसे गिग वर्कर्स पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही उन्हें पाबंद करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि डिलीवरी बॉयज अक्सर घरों तक पहुंचते हैं, जहां उनका सामना महिलाओं, बच्चों और अकेले रहने वाले बुजुर्गों से होता है। इसलिए उनका बैकग्राउंड जानना बेहद जरूरी है।
कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों का रिकॉर्ड पुलिस को उपलब्ध करा दिया है, जबकि कुछ कंपनियों से अभी भी जानकारी मंगाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शेष गिग वर्कर्स का सत्यापन भी जल्द पूरा किया जाएगा।




















