जयपुर। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार सुमित कुमार को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट महानगर प्रथम में पेश किया गया। राजस्थान इंटेलिजेंस ने आगे की जांच के लिए 12 दिन का रिमांड मांगा। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को 2 अप्रैल तक रिमांड पर सौंप दिया। आदेश न्यायाधीश प्रिय शंकर सिंह ने जारी किए।
वहीं मामले में राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से एडवोकेट सुदेश सत्तावन ने पैरवी की। जांच एजेंसियां आरोपी को नक्शा-मौका तस्दीक के लिए जल्द ही असम के डिब्रूगढ़ ले जाएंगी।
जानकारी के अनुसार राजस्थान इंटेलिजेंस और एयरफोर्स इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वह असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन में मल्टी टास्किंग स्टाफ के पद पर कार्यरत था। जांच में सामने आया कि वह 2023 से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और रुपयों के बदले संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था।
आरोपी ने एयरफोर्स स्टेशन सहित अन्य सैन्य ठिकानों की गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भेजी। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी शामिल है। वह अपने मोबाइल नंबरों का उपयोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी करता था।
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि 2023 में गुवाहाटी में एक सत्संग के दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसके माध्यम से वह पाकिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में आया। इस नेटवर्क का खुलासा जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी के बाद हुआ था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं।




















