जयपुर। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति की ओर से भक्ति और संस्कारों के प्रसार के लिए विशेष आयोजन किए गए। समिति के संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में श्री भन्दे बालाजी धाम से प्रारंभ हुए “हर घर में हो अर्थ सहित हनुमान चालीसा” अभियान के तहत गुरुवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं के बीच अर्थ सहित हनुमान चालीसा की पुस्तकों का वितरण किया गया।
अभियान के तहत समिति के सदस्य अलग-अलग टीमों में विभाजित होकर विभिन्न मंदिरों में पहुंचे और भक्तों को हनुमान चालीसा की पुस्तकें भेंट कीं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक हनुमान भक्ति का संदेश पहुंच सके। विशेष रूप से बच्चों के लिए सचित्र और अर्थ सहित हनुमान चालीसा पुस्तक को उपयोगी बताया गया, जिससे वे चित्रों के माध्यम से चौपाइयों का अर्थ आसानी से समझ सकें।
इस अवसर पर संत अमरनाथ महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गोस्वामी तुलसीदास के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से पूर्व तुलसीदास जी का स्मरण करने से पाठ का पूर्ण फल प्राप्त होता है और व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए राम नाम जप और हनुमान चालीसा के 108 पाठ का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने और इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।




















