जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई है। छात्र संगठन एनएसयूआई (एनएसयूआई) ने कार्यक्रम का कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है और प्रशासन से इसे निरस्त करने की मांग की है।
गुरुवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मानविकी पीठ में प्रस्तावित यह कार्यक्रम शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करेगा। संगठन की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और वैज्ञानिक सोच का केंद्र होता है, न कि राजनीतिक या वैचारिक गतिविधियों का मंच। ऐसे आयोजनों से छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है और कैंपस का माहौल खराब होता है।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी कहा कि शिक्षा संस्थानों को किसी भी प्रकार के वैचारिक एजेंडे से दूर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया, तो यह न केवल शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करेगा, बल्कि शिक्षा की गरिमा को भी ठेस पहुंचेगी।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 3 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रम आयोजित किया गया, तो एनएसयूआई कार्यकर्ता इसका विरोध करेंगे। पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रम का विरोध किया गया था, जिसके दौरान विवाद की स्थिति बनी और कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामसिंह सामोता, इकाई अध्यक्ष किशोर चौधरी, अमरदीप परिहार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन के अनुसार विरोध को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है और कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ गई है।
उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन संभावित विरोध को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। लगातार बढ़ते विवाद के बीच एक बार फिर कैंपस में टकराव की आशंका से माहौल तनावपूर्ण नजर आ रहा है।




















