
जयपुर। राजधानी के सुशीलपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। गंदा पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हो गए हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। क्षेत्र के लोग पिछले दो माह से साफ पानी के लिए परेशान हैं और टैंकर व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं होने से समस्या और गहराती जा रही है।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि नगर निगम, जलदाय विभाग और स्थानीय विधायक की लापरवाही तथा भ्रष्टाचार के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सीवरेज और पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति शुरू हो गई, जिससे यह संकट पैदा हुआ।
खाचरियावास ने बताया कि करीब 50 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में सड़क, सीवरेज और पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। लोगों को न तो साफ पानी मिल पा रहा है और न ही आवागमन की सुचारु व्यवस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सड़क की स्थिति ठीक थी, उसे 10 करोड़ रुपए के टेंडर के तहत तोड़ा गया, जिससे यह समस्या और बढ़ गई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही टैंकरों के माध्यम से पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग की।
खाचरियावास ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे स्वयं मौके का दौरा कर बीमार लोगों की स्थिति का जायजा लें और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैनात कर त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



















