जयपुर। गुलाबी नगरी की सड़कों को सुरक्षित बनाने और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए जयपुर पुलिस अब ‘सख्ती’ के बजाय ‘संवाद’ का सहारा ले रही है। इसी कडी में सोमवार को वैशाली नगर स्थित विजय द्वार चौराहे पर एक विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया ।
छात्रों और स्वयंसेवकों ने संभाली कमान
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशों पर आयोजित इस अभियान में ट्रैफिक पुलिस के साथ मुस्कान फाउंडेशन और बॉश इंडिया फाउंडेशन ने भागीदारी की । अभियान की खास बात यह रही कि राजस्थान स्वायत्त शासन पीजी महाविद्यालय के करीब 10-15 छात्रों और मुस्कान स्वयंसेवकों ने सड़क पर उतरकर वाहन चालकों से सीधा संवाद किया।
यमराज से बहस नहीं कर पाओगे
पुलिस उपायुक्त (यातायात) योगेश गोयल ने बताया कि टीम ने सड़क उपयोगकर्ताओं को चालान का डर दिखाने के बजाय व्यवहार में सुधार लाने की समझाइश दी । इस दौरान “हैलमेट न पहनने पर आप ट्रैफिक पुलिस से बहस कर सकते हो, यमराज से नहीं” और “सुरक्षा सिर की, खुशहाली घर की” जैसे प्रेरणादायक स्लोगन वाली तख्तियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया ।
इन नियमों पर रहा विशेष जोर
आईएसआई मार्क हेलमेट: दुपहिया वाहन चालकों को मानक हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया गया ।
पैदल यात्री सुरक्षा: जेब्रा क्रॉसिंग का सम्मान करने और पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर जोर दिया गया ।
अन्य उल्लंघन: ओवरस्पीडिंग और वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग से होने वाले खतरों के प्रति आगाह किया गया ।
अभियान के दौरान पुलिस उपायुक्त (यातायात) योगेश गोयल ने बताया कि पुलिस का लक्ष्य आमजन को सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम)रोहित चावला और पुलिस निरीक्षक रामकृपाल मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।




















