जयपुर। जयपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं फिनीति फाइनेंशियल कंसल्टेंट्स के संस्थापक, सुव्रत जैन ने अपनी पहली पुस्तक “ऑफशोर कंपनी फॉर्मेशन एंड ग्लोबल टैक्स ऑप्टिमाइज़ेशन: ए कम्पलीट लीगल गाइड फॉर एंटरप्रेन्योर्स, फ्रीलांसर्स एंड इन्वेस्टर्स” (2026 एडिशन) प्रकाशित की है। पुस्तक वर्तमान में अमेज़न किंडल पर विश्वभर के पाठकों के लिए उपलब्ध है।
यह पुस्तक अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक जटिल और अक्सर गलत समझे जाने वाले विषय को सरल भाषा में समझाती है। इसमें बताया गया है कि उद्यमी, फ्रीलांसर और निवेशक कानूनी तरीके से विभिन्न देशों में कंपनियां स्थापित कर टैक्स का बेहतर प्रबंधन, संपत्तियों की सुरक्षा और वैश्विक बैंकिंग सेवाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं।
पुस्तक के प्रकाशन को लेकर सुव्रत जैन ने कहा, “वर्षों तक उद्यमियों को बार-बार एक जैसी महंगी और टाली जा सकने वाली गलतियां करते देखना ही इस पुस्तक को लिखने की मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा रहा। उन्होंने आगे बताया कि चाहे गलत क्षेत्राधिकार में कंपनी का गठन हो, आवश्यक अनुपालन दायित्वों की अनदेखी, यूएई क्यूएफजेडपी स्टेटस खो देना, या डेलावेयर एलएलसी पर आईआरएस द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने, इनमें से अधिकांश समस्याओं से सही जानकारी, समय पर योजना और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से पूरी तरह बचा जा सकता है।”
जैन ने आगे कहा कि “मेरा उद्देश्य एक ऐसी सरल और उपयोगी पुस्तक उपलब्ध कराना था जो पाठकों को वास्तविक दुनिया के उदाहरणों के माध्यम से बताए कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार संरचनाओं में क्या प्रभावी है और किन जोखिमों से बचना आवश्यक है।”
गौरतलब है कि फिनीति फाइनेंशियल कंसल्टेंट्स की शुरुआत करने से पहले, जैन ने गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) में सीनियर एनालिस्ट के तौर पर काम किया। वहां उन्होंने गोल्डमैन सैक्स ट्रस्ट कंपनी (डेलावेयर और न्यू जर्सी) और जीएस एसेट मैनेजमेंट (ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर) के लिए कानूनी वित्तीय मामलों, रेगुलेटरी रिपोर्टिंग और कई देशों के नियमों के पालन (मल्टी जूरिस्डिक्शन कंप्लायंस) से जुड़े कार्यों में योगदान दिया।
सुव्रत जैन के पास ICAI से चार्टर्ड अकाउंटेंट की क्वालिफिकेशन और अकाउंट्स व बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में एम.कॉम की डिग्री है। वे अभी यूएस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, यूरोप, सिंगापुर और भारत में शुरुआती दौर के स्टार्टअप से लेकर 450 मिलियन यूएसडी से ज़्यादा की कंपनियों के लिए वर्चुअल सीएफओ और इंटरनेशनल टैक्स एडवाइज़र के तौर पर काम कर रहे हैं।
यह पुस्तक विशेष रूप से उन व्यवसायियों और पेशेवरों के लिए उपयोगी है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार, कर दक्षता और वैश्विक व्यवसाय संरचना को बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं।



















