जर्जर हवेली का छज्जा गिरने से महिला की मौत

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Woman dies after balcony of dilapidated mansion collapses.
Woman dies after balcony of dilapidated mansion collapses.

जयपुर। परकोटा क्षेत्र में जर्जर भवनों की अनदेखी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सुभाष चौक थाना क्षेत्र स्थित चौकड़ी गंगापोल के लवाण का घेर में गुरुवार दोपहर जर्जर हवेली का हिस्सा गिरने से एक महिला की मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी हवेली में आठ दिन पहले छत का प्लास्टर गिरने से पांच माह के एक मासूम की भी जान चली गई थी। लगातार दूसरे हादसे के बाद प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जर्जर हवेली के एक हिस्से में तोड़फोड़ का कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान मालिक समीर अपने किराएदार के साथ गुमटी का छज्जा तोड़ रहा था। इसी दौरान मकान के पास स्थित करीब तीन फुट चौड़ी गली से पड़ोस में रहने वाली शाकीरा (60) गुजर रही थीं। तभी छज्जे का मलबा अचानक उनके ऊपर आ गिरा।

हादसे में शाकीरा के सिर, गर्दन, कंधे और पेट में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान शाम करीब चार बजे उनकी मौत हो गई।

सुरक्षा इंतजाम किए बिना की जा रही थी तोड़फोड़

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छज्जा तोड़ने के दौरान न तो गली में लोगों की आवाजाही रोकी गई थी और न ही किसी प्रकार के सुरक्षा उपाय किए गए थे। बिना सुरक्षा प्रबंधों के जर्जर हिस्से को तोड़े जाने के कारण यह हादसा हुआ।

आठ दिन पहले मासूम की गई थी जान

इसी हवेली में 11 जून को भी दर्दनाक हादसा हुआ था। दूसरी मंजिल पर बने एक कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से पांच माह के मासूम अब्दुल कादिर की मौत हो गई थी। बच्चे के पिता राशिद हुसैन कलर-पेंट का काम करते हैं और घटना के समय घर से बाहर गए हुए थे। बच्चे की मां नाजिश ननिहाल जाने की तैयारी कर रही थीं, जबकि मासूम कमरे में लेटा हुआ था। तभी छत का प्लास्टर उसके ऊपर आ गिरा। गंभीर रूप से घायल मासूम को एसएमएस ट्रोमा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

मकान मालिक को कई बार दी थी जानकारी

मृतक मासूम के पिता राशिद हुसैन का आरोप है कि हवेली की खस्ताहाल स्थिति को लेकर कई बार मकान मालिक को अवगत कराया गया था। स्थानीय लोगों ने भी भवन की मरम्मत कराने अथवा उसे खाली करवाने की मांग की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें धमकियां तक दी गईं।
राशिद ने बताया कि अब्दुल कादिर उनकी दूसरी संतान था। परिवार में अब ढाई वर्षीय बेटी इनाया फातिमा है।

मामला दबाने की कोशिश का आरोप

मासूम के चाचा असद हुसैन ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि पुलिस और मकान मालिक की ओर से समझौते का दबाव बनाया गया तथा मामले को दबाने की कोशिश की गई।

पड़ोस में रहती थीं शाकीरा

स्थानीय लोगों के अनुसार शाकीरा जर्जर हवेली के पास ही रहती थीं। गुरुवार को जब वह अपने घर से बाहर निकलीं तो अचानक हवेली का जर्जर छज्जा भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।

आसपास भी कई जर्जर हवेलियां

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस क्षेत्र में यह हादसा हुआ है, वहां कई पुरानी और जर्जर हवेलियां मौजूद हैं। इनमें से कुछ हवेलियां 100 वर्ष से भी अधिक पुरानी बताई जाती हैं। अधिकांश भवन बहुमंजिला हैं और उनमें बड़ी संख्या में किराएदार रह रहे हैं। कई भवन खस्ताहाल होने के बावजूद उनमें लोग रहने को मजबूर हैं।

नगर निगम पर लापरवाही का आरोप

निवर्तमान पार्षद पति सना वसीम खान ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि चारदीवारी क्षेत्र में कई जर्जर हवेलियां लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यदि समय रहते कदम उठाए जाते तो इन हादसों को रोका जा सकता था।

पुलिस ने खाली कराया भवन

घटना की सूचना मिलने पर सुभाष चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार्यवाहक थाना प्रभारी ओमवीर ने जर्जर हवेली का निरीक्षण किया और वहां रह रहे लोगों को भवन खाली करने की सलाह दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर मकान खाली कराया गया।

पुलिस ने महिला की मौत के मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं लगातार दो हादसों के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है और जर्जर भवनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

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