जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कोटा टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए कोटा शहर के उद्योग नगर थाने में पदस्थापित कांस्टेबल हरिओम को 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी कांस्टेबल पर झूठे प्रकरण में समझौता कराने और मामला रफा-दफा करने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें परिवादी ने आरोप लगाया कि उसके पड़ोसियों ने उसके पुत्र के खिलाफ उद्योग नगर थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले की जांच के दौरान कांस्टेबल हरिओम ने परिवादी को थाने बुलाकर प्रकरण को खत्म करने के बदले 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
शिकायत के अनुसार बातचीत के दौरान आरोपी कांस्टेबल ने परिवादी की जेब से जबरन 5 हजार रुपए निकाल लिए और शेष 10 हजार रुपए देने के लिए लगातार दबाव बनाता रहा। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया।
एसीबी कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। 15 जून 2026 को हुई मांग सत्यापन कार्रवाई के दौरान आरोपी कांस्टेबल ने परिवादी से 8 हजार रुपए रिश्वत लेने पर सहमति जताई, जिससे रिश्वत मांग की पुष्टि हो गई।
इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं पुलिस उप अधीक्षक अनीस अहमद के नेतृत्व में गठित ट्रैप दल ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए उद्योग नगर थाने के बाहर आरोपी हरिओम को परिवादी से 7 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।



















