जयपुर। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे सात गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आसूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण और लगातार दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नाहरगढ़ थानाधिकारी सज्जन कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शंकर चेडवाल, योगेश सोनी, विशाल मालावत, बंटी जोगी, अंशुमान लिंगाडिया, प्रदीप साहू और सुनील उमरवाल को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी वारंट के बावजूद फरार चल रहे थे और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
इस कार्रवाई में नाहरगढ़ थानाधिकारी सज्जन कुमार के साथ उपनिरीक्षक गिरधारी लाल, हेड कांस्टेबल शेरसिंह और राजकृष्ण तथा कांस्टेबल प्रदीपमान, घनश्याम, रामभगत, विजय कुमार और रविन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।
आठ साल से फरार स्थायी वारंटी आमेर से गिरफ्तार
एसएमएस अस्पताल थाना पुलिस ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आठ वर्षों से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना और आसूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को आमेर के कुंडा क्षेत्र से दबोच लिया।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कमल शर्मा पुत्र प्रेमशंकर, मूल निवासी मंगला छपुरी, टूंडला (जिला फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) है। वर्तमान में वह खानाबदोश जीवन व्यतीत कर रहा था। आरोपी वर्ष 2012 में मोती डूंगरी थाना क्षेत्र में दर्ज आर्म्स एक्ट के प्रकरण में गिरफ्तार हुआ था।
अदालत से जमानत मिलने के बाद वर्ष 2018 से लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आमेर के कुंडा क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

















