जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में बुधवार को राजधानी जयपुर के विभिन्न केंद्रों पर गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अपार श्रद्धा, साधना और सेवा भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। शहर के गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, गायत्री शक्तिपीठ वाटिका, गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़, श्री वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केंद्र मानसरोवर सहित तमाम चेतना केंद्रों पर दिनभर आध्यात्मिक आयोजनों की धूम रही, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुसत्ता के प्रति अटूट आस्था व्यक्त की।
प्रातःकाल से ही सभी केंद्रों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस अवसर पर वैदिक विधि-विधान के साथ गुरु पूजन एवं व्यास पूजन संपन्न कराया गया। गुरुभक्तों ने सजल श्रद्धा एवं प्रखर प्रज्ञा समाधि स्थलों पर श्रद्धापुष्प अर्पित कर गुरुसत्ता का भावपूर्ण वंदन किया। इस दौरान गायत्री परिवार के वरिष्ठ प्रतिनिधि आर.डी. गुप्ता, सोहनलाल शर्मा, धर्मसिंह राजावत, मणिशंकर चौधरी, सुशील शर्मा, केदार शर्मा एवं रणवीर सिंह चौधरी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने मुख्य पूजन में सहभागिता की।
महायज्ञ में दी आहुतियां; पौधारोपण, रक्तदान व अंगदान का लिया संकल्प
पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित पंच एवं नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आहुतियां अर्पित करते हुए विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की कामना की गई। यज्ञ की पूर्णाहुति के समय श्रद्धालुओं ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने, नियमित रक्तदान करने और अंगदान के प्रति जनजागरण फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।
मंत्र दीक्षा ग्रहण कर लिया समाज सेवा और साधना का संकल्प
गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर सैकड़ों नए साधकों ने मंत्र दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा प्राप्त करने के उपरांत श्रद्धालुओं ने नियमित उपासना, साधना, आराधना और स्वाध्याय करने, जीवन में समयदान, अंशदान एवं संयम अपनाने व समाज सेवा, संस्कार संवर्धन और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य आयोजनों से पूर्व सभी शक्तिपीठों एवं चेतना केंद्रों पर अखंड गायत्री मंत्र जप, गुरु गीता का सामूहिक पाठ तथा भव्य दीपयज्ञ आयोजित किए गए। पूरे दिन परिसर भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहे तथा श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।



















