जयपुर/दौसा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को नांगल प्यारीवास स्थित मीणा हाईकोर्ट में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शिरकत कर आदिवासी समाज की गौरवशाली संस्कृति, परंपरा, इतिहास और विचारों की समृद्ध विरासत को नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज बंधु, युवा, जनप्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज सदैव संघर्ष, स्वाभिमान और परिश्रम की पहचान रहा है। आज आवश्यकता है कि समाज अपनी गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाए और सामाजिक विकास की नई दिशा तय करे। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए समाज को बदलते समय के साथ आगे बढ़ना होगा।
मंत्री ने युवाओं से विशेष रूप से नशे से दूर रहने, शिक्षा को अपनाने और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का उपयोग समाज और प्रदेश के निर्माण में करें। युवाओं को सामाजिक बदलाव का वाहक बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा, संगठित समाज और संस्कारित पीढ़ी ही विकसित एवं सशक्त समाज की आधारशिला है। शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और संगठित समाज सामाजिक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकेगा।
डॉ. मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और स्वाभिमान से जुड़ी है। इन्हें संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक दिशा देना जरूरी है। उन्होंने उपस्थित लोगों से समाज की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
समारोह में आदिवासी समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को लेकर विभिन्न संदेश दिए गए। अंत में ‘जय आदिवासी समाज’ और ‘जय राजस्थान’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।



















