जयपुर। मुहाना थाना पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी, राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू) का प्रोफेसर और नर्सिंग ऑफिसर बनकर लोगों से ठगी करने वाले शातिर आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू (33) को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से संपर्क करता था। कभी काम कराने का झांसा देकर तो कभी पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे रुपए ऐंठता था। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातें करना कबूल किया है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि पटेल नगर, मुहाना निवासी ललित गहलोत ने 21 जुलाई 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी फेसबुक पर उसे ‘इंजीनियर सुनील मीणा’ नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। आरोपी ने खुद को पुराना स्टूडेंट और आरटीयू का प्रोफेसर बताते हुए काम कराने का झांसा दिया और उससे 62 हजार रुपए ले लिए।
इसके बाद आरोपी ने दस्तावेज भेजने के बहाने पीड़ित के घर की लोकेशन हासिल कर ली। अगले दिन वह खुद को गांधीनगर थाने के स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बताकर पीड़ित के घर पहुंचा। उसने पीड़ित और उसकी पत्नी को डराया-धमकाया और उनसे 60 हजार रुपए और ऐंठ लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की और बाद में मुहाना थाने में मामला दर्ज कराया।
इस मामले की जांच के लिए मुहाना थानाधिकारी मुकेश कुमार खारडिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही फेसबुक आईडी का तकनीकी विश्लेषण किया गया।
तकनीकी जांच और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान अरुण शर्मा उर्फ आलू पुत्र राजकुमार शर्मा, निवासी कागजीवाड़ा, ब्रह्मपुरी, जयपुर के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि अरुण के खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी और मारपीट सहित करीब आधा दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं।
इन मामलों में वह जेल भी जा चुका है। पुलिस के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद उसने ठगी का तरीका बदलते हुए सट्टेबाजों को सीएसटी का डर दिखाने और विद्यार्थियों के अंक बढ़वाने का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। पूछताछ में आरोपी ने मुहाना, ब्रह्मपुरी, गलतागेट, मानसरोवर, रामनगरिया,सांगानेर,नाहरगढ़, श्याम नगर, सोडाला, वैशाली नगर, इस्कॉन रोड और मालवीय नगर में भी फर्जी पुलिसकर्मी या प्रोफेसर बनकर ठगी करने की वारदातें स्वीकार की हैं। पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों, ठगी की रकम और उसके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।



















