राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की पहल: अब एआई बताएगा आयुर्वेदिक स्वास्थ्य के नए मॉडल

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जयपुर। आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान परंपरा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर ने महत्वपूर्ण पहल की है। जोरावर सिंह गेट स्थित संस्थान और नोएडा की वेलविज इनोवेशन के बीच आयुर्वेद, एआई, डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूल वेलनेस के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते का उद्देश्य आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, एआई और डिजिटल तकनीक के साथ जोड़कर निवारक एवं स्वास्थ्य संवर्धन आधारित चिकित्सा के नए मॉडल विकसित करना है। इसके तहत एआई और डेटा आधारित तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य एवं वेलनेस से जुड़े विभिन्न मानकों के आकलन, विश्लेषण और अध्ययन को मजबूत किया जाएगा। साथ ही आयुर्वेद के प्रासंगिक सिद्धांतों को आधुनिक डिजिटल फ्रेमवर्क से जोड़ने पर काम होगा।

एमओयू के तहत पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के साथ क्षमता निर्माण, ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा आयुर्वेद एवं डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं का भी पता लगाया जाएगा।

स्कूल वेलनेस को भी समझौते में प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत बच्चों और युवाओं के लिए आयुर्वेद आधारित स्वस्थ जीवनशैली तथा निवारक स्वास्थ्य से जुड़े नए मॉडल विकसित किए जाएंगे। इससे कम उम्र से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे।

एमओयू के अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा, कुलसचिव प्रो. अनिता शर्मा, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपम श्रीवास्तव तथा उपनिदेशक (प्रशासन) चंद्रशेखर शर्मा मौजूद रहे। वेलविज इनोवेशन की ओर से डायरेक्टर ऑपरेशंस पुनीता बंसल, डॉ. दिव्या शारद और सोहेल शेख ने सहभागिता की।

इस पहल से आयुर्वेद और आधुनिक तकनीक के बीच समन्वय बढ़ने के साथ डेटा आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और निवारक चिकित्सा के क्षेत्र में नए प्रयोगों की संभावनाएं मजबूत होंगी।

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