जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को सरकारी स्कूलों की बदहाली और स्कूलों में मीडिया व आमजन के प्रवेश पर कथित रोक के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं ने त्रिमूर्ति सर्किल से विधानसभा तक करीब तीन किलोमीटर पैदल मार्च निकाला। विधायकों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और स्कूलों में लगाए गए प्रतिबंध वापस लेने की मांग की।
मार्च त्रिमूर्ति सर्किल से अंबेडकर सर्किल, रामबाग और अमर जवान ज्योति होते हुए विधानसभा पहुंचा। पश्चिमी द्वार पर प्रवेश के दौरान कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक हुई। गेट बंद किए जाने पर विधायक वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते त्रिमूर्ति, अंबेडकर और रामबाग सर्किल पर यातायात प्रभावित हुआ और कार्यालय जाने वाले लोगों को परेशानी हुई।
जूली बोले- डेढ़ लाख पद खाली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली छिपाने के लिए प्रतिबंध लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के पद खाली हैं, 3,768 स्कूल जर्जर हैं, 85 हजार कमरे क्षतिग्रस्त हैं और 72 हजार स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर स्कूल में जाकर उसकी स्थिति जनता के सामने रखेगी और शिक्षा के मुद्दे पर सदन के अंदर-बाहर सरकार को घेरेगी।
पायलट ने जताई बच्चों की सुरक्षा पर चिंता
धरने में शामिल पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि सरकार को स्कूलों की सच्चाई सामने आने से रोकने की बजाय भवनों की मरम्मत और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय है। कई जगह छत गिरने की घटनाएं सामने आई हैं और पिछले वर्ष भी बच्चों की मौत हुई थी। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की जवाबदेही तय करने और मुख्यमंत्री से तत्काल कदम उठाने की मांग की।
पायलट ने भाजपा पर शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस निकाय और पंचायत चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी की जा रही है और आरक्षण लॉटरी भी टाली गई है।
कांग्रेस के मार्च में बड़ी संख्या में विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मार्च में नजर नहीं आए, जबकि सचिन पायलट बाद में विधानसभा के बाहर धरने में शामिल हुए। विधानसभा सत्र के पहले ही दिन शिक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस के तेवरों से सदन में भी हंगामे के आसार हैं।



















