रिटायर्ड एडीजी से 2.12 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी का आरोपी गिरफ्तार

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Accused arrested for ₹2.12 crore 'digital arrest' fraud against retired ADG
Accused arrested for ₹2.12 crore 'digital arrest' fraud against retired ADG

जयपुर। सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, राजस्थान की टीम ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) से 2.12 करोड़ रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में छठे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चौमू निवासी साहिल कुमार सुरेला को गिरफ्तार किया। आरोपी ने 5-6 हजार रुपए के कमीशन के बदले अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। पुलिस अब तक मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राईम विजय कुमार सिंह ने बताया कि जयपुर निवासी सेवानिवृत्त एडीजी ने रिपोर्ट में बताया कि 9 से 18 अगस्त 2026 के बीच ठगों ने मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को पुलिस और केंद्रीय सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने, गिरफ्तारी वारंट जारी होने और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसने का डर दिखाया।

ठगों ने उन्हें लगातार वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और लाइव लोकेशन चालू रखने के साथ किसी से संपर्क नहीं करने की हिदायत दी। फर्जी सरकारी पत्र और गिरफ्तारी वारंट भेजकर बैंक खातों की जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया।

डर के चलते पीड़ित ने 13 अगस्त को आईसीआईसीआई बैंक के खाते में 2.02 करोड़ रुपए और 18 अगस्त को यस बैंक के खाते में 10.10 लाख रुपए RTGS के जरिए जमा करा दिए। इस तरह कुल 2 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपए की ठगी हुई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, सीडीआर और केवाईसी दस्तावेजों की पड़ताल की। इसमें ठगी की रकम का एक हिस्सा साहिल कुमार सुरेला के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते में पहुंचना सामने आया।

पूछताछ में साहिल ने बताया कि उसकी मुलाकात रवि कुमार घोसल्या से हुई थी। रवि ने अपना बैंक खाता बंद होने की बात कहकर साहिल के नाम से खाता खुलवाने के लिए कहा। 11 जून 2026 को वह साहिल को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चौमूं-काचोलिया रोड शाखा ले गया और उसके नाम से खाता खुलवाया।

उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राईम शान्तनु कुमार सिंह के अनुसार रवि ने खाते में अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कराई तथा एटीएम कार्ड और बैंकिंग किट अपने पास रख ली। इतना ही नहीं, साहिल के आधार कार्ड में भी अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले साहिल को शुरुआत में कुछ रुपए और बाद में 5 से 6 हजार रुपए कमीशन दिया गया। इसके अलावा उसके निजी खर्च के लिए अलग-अलग दुकानों और पेट्रोल पंपों के क्यूआर कोड पर 3 से 4 हजार रुपए भी डलवाए गए। पुलिस अब मामले में रवि कुमार घोसल्या की भूमिका और ठगी की रकम की आगे की मनी ट्रेल की जांच कर रही है।

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