जयपुर। गुलाबी नगरी के पावन तीर्थ श्री अमरापुर स्थान में 12 अक्टूबर, सोमवार को भगवान झूलेलाल साईं का असूचंड महापर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस पर्व को एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर सुबह और शाम ज्योति प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना, भजन और आरती की जाएगी। भगवान झूलेलाल को पारंपरिक प्रसाद मीठे चावल और छोले का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
आयोजन के तहत सुबह 6 बजे भगवान झूलेलाल के समक्ष ज्योति प्रज्वलित कर उनकी महिमा के भजन गाए जाएंगे और आरती की जाएगी। वहीं, शाम 6 बजे भी ज्योति प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना और आरती होगी। इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा।
संतों ने बताया कि असूचंड पर्व का संबंध सिंध प्रदेश की उस परंपरा से है, जिसमें सिंधु नदी के तट पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग जल और ज्योति की पूजा कर मीठे चावल का भोग लगाते थे। यह पर्व आपसी एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है।
असूचंड महापर्व जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित भगवान झूलेलाल मंदिरों में मनाया जाएगा। कई स्थानों पर मेले आयोजित होंगे और अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। श्रद्धालु भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और सद्भाव की कामना करेंगे।



















