स्विट्जरलैंड में रहीस भारती और धोद ग्रुप ने लहराया राजस्थान की लोक संस्कृति का परचम

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जयपुर। राजस्थान की लोक संस्कृति का रंग स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित फोयर दु वले महोत्सव में देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार रहीस भारती और उनके बैंड ‘धोद – ग्रुप ऑफ राजस्थान’ ने राजस्थानी लोक संगीत, कालबेलिया नृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से विदेशी दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का अभिवादन किया।

महोत्सव के 66 वर्षों के इतिहास में पहली बार भारत को ‘विशेष अतिथि’ (गेस्ट ऑफ ऑनर) बनने का अवसर मिला है। इस ऐतिहासिक आयोजन में भारत और राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का गौरव रहीस भारती और उनके समूह को मिला। करीब 10 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में लगभग 2.5 लाख दर्शकों के शामिल होने का अनुमान है।
रहीस भारती ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके समूह का नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत और राजस्थान की लोक परंपराओं का है। इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।

रहीस भारती पिछले 26 वर्षों से राजस्थान की लोक कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में ‘धोद – ग्रुप ऑफ राजस्थान’ अब तक 119 से अधिक देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। उन्होंने राजस्थान के दूर-दराज के गांवों से लोक कलाकारों को मंच देकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भूमिका निभाई है। इससे सैकड़ों कलाकारों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर भी मिले हैं।

वर्तमान में रहीस भारती और उनकी टीम पिछले आठ महीनों से लगातार यूरोप के सांस्कृतिक दौरे पर हैं। इस दौरान वे विभिन्न संगीत महोत्सवों, सांस्कृतिक आयोजनों और संगीत कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां देकर राजस्थान की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचा रहे हैं।

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