जयपुर। जामडोली थाना क्षेत्र के आनंद नगर विस्तार आगरा रोड निवासी देवेंद्र शर्मा (30) ने अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास कथित सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने, गाली-गलौज करने, धमकियां देने और रुपए मांगने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
एसीपी जितेंद्र सिंह के अनुसार 11 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे देवेंद्र की मां ने उसके बड़े भाई विशाल शर्मा को फोन कर बताया कि देवेंद्र कमरे के अंदर से कोई जवाब नहीं दे रहा है। विशाल पत्नी के साथ घर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजे के कांच से अंदर देखा तो देवेंद्र फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने उसे नीचे उतारकर चिकित्सक को बुलाया। चिकित्सक की सलाह पर उसे निजी साधन से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
देवेंद्र के मामा रत्नलाल शर्मा ने बताया कि उसकी शादी 29 अप्रैल 2026 को हुई थी। मामा का आरोप है कि शादी के दूसरे दिन से ही ससुराल पक्ष के लोग देवेंद्र के साथ गाली-गलौज और प्रताड़ना करने लगे थे। उनके अनुसार, शादी के करीब 15 दिन बाद बहू मायके पक्ष के लोगों के साथ ससुराल आई और जेवर, कपड़े सहित अन्य सामान लेकर चली गई।
रत्नलाल शर्मा का दावा है कि बाद में देवेंद्र के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज कराया गया। उनका आरोप है कि दहेज का सामान वापस लेने के बावजूद लड़की पक्ष की ओर से शादी में खर्च हुए 10 लाख रुपए देने की मांग की जा रही थी। परिजनों का कहना है कि इस विवाद के कारण देवेंद्र मानसिक रूप से परेशान था।
मृतक के पास मिले कथित सुसाइड नोट में ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर परिवार को लंबे समय से परेशान करने, गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और पैसों की मांग करने के आरोप लगाए गए हैं। नोट में देवेंद्र ने अपने परिवार को निर्दोष बताते हुए जयपुर पुलिस से न्याय दिलाने की अपील की है। हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
मृतक के मामा ने करीब 10-12 दिन पहले रेनवाल (सीकर) पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने समझौते की बात कहकर उन्हें और देवेंद्र को थाने बुलाया था, जहां देवेंद्र पर दबाव बनाकर बयान लिए गए।
रत्नलाल ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में प्रवेश के दौरान एक एसआई ने उन्हें अंदर बंद करने की धमकी दी। उनके अनुसार, बाद में देवेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। परिजनों का आरोप है कि इस घटनाक्रम से आहत होकर देवेंद्र ने आत्महत्या की। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसीपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जामडोली थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया अस्वाभाविक मृत्यु मानते हुए मर्ग दर्ज किया है। जांच एएसआई शिवदयाल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सुसाइड नोट, वैवाहिक विवाद, दर्ज दहेज प्रकरण और रेनवाल थाने में हुई कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।



















