जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं और कुछ पुलिसकर्मियों के लापरवाही पूर्ण एवं अमर्यादित व्यवहार पर सख्त रुख अपनाते हुए अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद पुलिस विभाग ने एक अधिकारी को निलंबित, छह को पदस्थापन की प्रतीक्षा में (एपीओ) और दो अधिकारियों को पद से हटाने की कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान शांतिप्रिय प्रदेश रहा है और इसकी छवि बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। कानून सबके लिए समान है। अपराधी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अपराध को बढ़ावा देने वाले मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जाए।
मुख्यमंत्री ने खनन और भूमि विवादों की जिलेवार विस्तृत सूची तैयार कर उनके निस्तारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है। आपराधिक घटनाओं के साथ पुलिसकर्मियों के आचरण से जुड़े मामलों की भी गहन समीक्षा की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लिया जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बड़ी घटनाओं को रोका जा सके। सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने प्रभार वाले रेंज और जिलों में नियमित रूप से कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें।
महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग इकाइयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने तथा स्कूल-कॉलेजों में इनके माध्यम से संवाद और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि महिला अपराधों की प्रभावी रोकथाम हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ घटनाओं और पुलिसकर्मियों के अनुचित आचरण से पूरे पुलिस विभाग की छवि और विश्वसनीयता प्रभावित होती है। पुलिस का मूल दायित्व अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करना है। पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।
बैठक के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए बेर थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह को निलंबित किया, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया।
इसके अलावा वृत्ताधिकारी भुसावर नीरज भारद्वाज, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), अजमेर अंजू यादव, वृत्ताधिकारी सांभर मुकेश जोशी, वृत्ताधिकारी श्रीगंगानगर विष्णु कुमार खत्री और जयपुर पुलिस आयुक्तालय में तैनात पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया को एपीओ किया गया।
वहीं जयपुर ग्रामीण में एसआईयूसीएडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजमोहन मीणा और खैरथल की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह को पद से हटाया गया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित पुलिस और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



















