जयपुर। एपेक्स हॉस्पिटल्स, मालवीय नगर, जयपुर में आठ वर्षों से जांघ की हड्डी के न जुड़ने और घुटने की गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीज का जटिल घुटना प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। मरीज को आठ वर्ष पहले घुटने के ठीक ऊपर जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ था। कई सर्जरी के बावजूद फ्रैक्चर जुड़ नहीं पाया और बाद में घुटने में गठिया विकसित हो गया।
मरीज पिछले आठ वर्षों से वॉकर के सहारे चल रहा था। सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, डॉ. हिमांशु खीचड़ ने इस जटिल सर्जरी को किया। मरीज में डिस्टल फीमर नॉन-यूनियन के कारण जांघ की हड्डी का करीब 7 सेंटीमीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त और न जुड़ने की स्थिति में था।
सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त 7 सेंटीमीटर हिस्से को हटाकर उसकी जगह मेगाप्रोस्थेसिस यानी विशेष बड़े मेटल इम्प्लांट लगाया गया, जिससे घुटने को आवश्यक स्थिरता और मजबूती प्रदान की गई।
सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी भी अच्छी रही। 24 घंटे के भीतर मरीज ने चलना शुरू कर दिया और दूसरे दिन से घुटना मोड़ने में सक्षम रहा।



















