जयपुर। नवरात्र के अवसर पर शनिवार को वैशाली नगर स्थित भारतम ऑडिटोरियम टैगोर पब्लिक स्कूल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से ‘शक्ति आराधन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी मणिमाला भारती ने सत्संग में मां भगवती की महिमा, ब्रह्मज्ञान और आध्यात्मिक जागृति का संदेश दिया। मां के भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
साध्वी मणिमाला भारती ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की महिमा बताते हुए कहा कि इनमें श्रद्धा, तप, साहस, मातृत्व, निर्भयता और पवित्रता जैसे गुणों का संदेश निहित है। उन्होंने मां भगवती के अष्टभुजी स्वरूप को शक्ति और धर्म की रक्षा का प्रतीक बताते हुए कहा कि परम सत्ता सृष्टि के कण-कण में विद्यमान है। पूर्ण गुरु के मार्गदर्शन में ब्रह्मज्ञान के माध्यम से मनुष्य अपने भीतर मौजूद दिव्य सत्ता को पहचान सकता है।
उन्होंने कहा कि मां भगवती की आराधना केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जीवन में सदाचार, करुणा, सेवा और मानवता को भी अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम में नारी शक्ति के सम्मान और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। साध्वी ने कहा कि बेटियों की रक्षा, उन्हें सम्मान देना और शिक्षा सहित समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक आस्था तभी सार्थक है, जब वह मानवीय मूल्यों और सामाजिक कल्याण में परिवर्तित हो। कार्यक्रम में भक्ति, अध्यात्म और सामाजिक जागरूकता का संगम देखने को मिला।



















