जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक पहचान—परंपरा और विरासत के रंगों में सराबोर होने जा रही है। मौका होगा जयपुर समारोह का। शहर की संस्कृति, कला और परंपरा को सहेजने और लुप्तप्राय हो रही सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करके उससे आमजन जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे इस जयपुर समारोह की तैयारी को लेकर शुक्रवार को जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में सांसद मंजू शर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जयपुर के ‘नव रत्न’ होंगे सम्मानित
इस बैठक में जयपुर के नौ-रत्नों जिन्होंने यहां की कला-संस्कृति, शिक्षा, उद्योग और पर्यटन व समाजसेवा आदि में शहर को नई पहचान दिलाई अथवा विशेष पहचान दिलाई, उनको ‘‘जयपुर गौरव सम्मान‘‘ प्रदान किया जाएगा।
रोशनी से जगमगाएगा पूरा शहर
समारोह के अवसर पर सरकारी भवनों, ऐतिहासिक इमारतों और दरवाजों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। जयपुर के प्रमुख गेटों पर शहनाई वादन कार्यक्रम होंगे। जो शहर की विरासत और सौंदर्यता को चार चांद लगा देंगे।
संस्कृति और मनोरंजन का संगम
जयपुर समारोह के दौरान शहर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ जैसे ढूढाड की गाली बाजी, ख्याल, लोक नृत्य, ग़ज़ल संध्या, स्थानीय कलाकारों द्वारा अपनी अपनी विविध कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ऐसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिससे नई पीढ़ी जयपुर की संस्कृति को नज़दीक से जाने-समझे और उसमें शहर की विरासत के प्रति गर्व की भावना जागृत हो।
शहर की आत्मा का उत्सव
जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने कहा जयपुर समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शहर की आत्मा का उत्सव है। इसका उद्देश्य जयपुर की संस्कृति, कला और परंपरा को पुनर्जीवित कर आमजन से जोड़ना है। रोशनी, संगीत और संस्कृति से सजा यह उत्सव पूरे शहर को एक सूत्र में पिरो देगा।
जयपुर बनेगा रोशनी और संस्कृति का प्रतीक
जयपुर समारोह के माध्यम से शहरवासी न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े रहेंगे, बल्कि यह आयोजन पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। हर उम्र के नागरिकों के लिए इसमें कुछ न कुछ खास होगा।




















