जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देशन में एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने रिश्वतखोरी के एक मामले में सलूंबर आबकारी थाने के तत्कालीन प्रहराधिकारी राजेन्द्र प्रसाद के खिलाफ चालान पेश किया है। यह चालान उदयपुर स्थित विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (क्रम संख्या-01) की अदालत में पेश किया गया।
एसीबी पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार आरोपी ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए परिवादी से उसकी पुत्री के नाम संचालित लाइसेंसी शराब दुकान को बिना किसी बाधा के चलाने,चेकिंग नहीं करने और परेशान न करने के एवज में प्रति माह 2 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जनवरी 2023 से मार्च 2023 तक कुल 6 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
परिवादी की शिकायत पर 31 मार्च 2023 को एसीबी द्वारा ट्रेप कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने परिवादी से 6,000 रुपये की रिश्वत राशि स्वयं मांग कर स्वीकार की, जिस पर प्रकरण संख्या 73/2023 दर्ज किया गया।
मामले की जांच पूर्ण होने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए गए। इसके बाद आबकारी आयुक्त, आबकारी विभाग राजस्थान (उदयपुर) से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई। जांच में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 7ए तथा धारा 120बी आईपीसी के तहत अपराध प्रमाणित पाए गए। एसीबी मुख्यालय के आदेशों की पालना में इंटेलिजेंस यूनिट, उदयपुर द्वारा आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।




















