जयपुर। जवाहर कला केन्द्र एवं पर्यटन, कला संस्कृति विभाग राजस्थान सरकार की सहभागिता में राजस्थान के लोक रंगों का सबसे बड़ा उत्सव ‘लोक कला संगम 2026: राजस्थान रै लोकरंग रो उजास’ जवाहर कला केन्द्र जयपुर के शिल्प ग्राम एवं कृष्णायन सभागार आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 20 से 22 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित होगा। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे द्वारा पोस्टर विमोचन के साथ ही ‘लोक कला संगम-2026’ की तैयारियां तेज हो गई हैं।
राजस्थान के ढूंढाड़, शेखावाटी एवं ब्रज क्षेत्र के राजस्थानी 400 लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां एक साथ एक मंच पर देख सकेंगे। जिसमें बम रसिया, चकरी नृत्य, लांगुरिया, भपंग वादन, कठपुतली चंग धमाल,भवाई, तेरहताली, जयपुर का तमाशा आदि का जादू चलेगा।
मेले के रूप में आयोजित इस भव्य आयोजन में राजस्थानी मांडने, रंगोली, कठपुतली, कच्ची घोड़ी, बहुरुपिया आदि लोक कलाकारी का भी दर्शक आनन्द उठा सकेंगे। इसमें प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक लोक संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा दो सत्रों में बौद्धिक विमर्श संवाद कार्यकम ‘लोक चौपाल’ भी आयोजित किया जाएगा। इसमें हस्तशिल्प और कला की भव्य प्रदर्शनी भी लगेंगी। तीनों दिवसों में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सरकार्यवाह डॉ. दत्तात्रेय होसबोले और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी रहेंगे।
प्रो. डॉ मधु भट्ट तैलंग – अध्यक्ष, संस्कार भारती जयपुर प्रांत, बनवारी लाल चेजारा, महामंत्री, संस्कार भारती व महावीर भारती, सहमहामंत्री संस्कार भारती एवं प्रबन्ध प्रमुख, आयोजन ने बताया कि प्रतिदिन सांस्कृतिक महफिल सजेंगी, जिसमें इन लोक कलाओं के गायन’ वादन एवं नृत्य विधाओं का दर्शक भरपूर लुत्फ़ उठा पायेंगे। राजस्थानी भोजन के भी आनन्द के साथ अपनी जड़ों और राजस्थान की लोक -परम्पराओं से जुड़ने का यह बेहतरीन अवसर होगा।




















