जयपुर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में नवनिर्मित खड़गासन चौबीसी जिन प्रतिमाओं के पंचकल्याणक एवं पद्म बल्लभ शिखर पर कलश-ध्वजारोहण के पांच दिवसीय महा-महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा-उल्लास से मनाया गया।
विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज, गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी व गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में पाण्डुक शिला पर तीर्थंकर बालक आदि कुमार का 1008 कलशों से जन्माभिषेक हुआ। प्रतिष्ठाचार्य पं. हंसमुख जैन (धरियावद) के निर्देशन में प्रातः 6:30 बजे नित्य अभिषेक व शांतिधारा के साथ जन्म कल्याणक की क्रियाएं संपन्न हुईं।
महाराजा नाभिराय व रानी मरुदेवी के यहां तीर्थंकर जन्म के प्रसंगों का मंचन हुआ। सौधर्म इन्द्र, कुबेर, ईशान इन्द्र सहित विभिन्न पात्रों की झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
वहीं धर्मसभा में चित्र अनावरण व दीप प्रज्ज्वलन हुआ। मुनि प्रभव सागर के जन्म व दीक्षा दिवस पर पाद प्रक्षालन व जिनवाणी भेंट की गई। विधायक कालीचरण सराफ ने भी दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसी अवसर पर मनोरमा देवी को 120वीं दीक्षा देते हुए आर्यिका वासुपूज्य मति नाम प्रदान किया गया।
प्रातः 11 बजे भव्य लवाजमे के साथ जन्म कल्याणक शोभायात्रा निकली, जो विभिन्न मार्गों से पाण्डुक शिला पहुंची।
श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते शामिल हुए। दोपहर में 96 औषधियों से प्रतिमाओं का लेपन, धवला ग्रंथ विमोचन व श्रुत पूजन हुआ। सायंकाल आरती व शास्त्र सभा के बाद राजा नाभिराय दरबार तथा रात्रि में पालना व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
इसके अलावा 20 फरवरी को तप कल्याणक की क्रियाएं, 21 फरवरी को केवलज्ञान और 22 फरवरी को मोक्ष कल्याणक, रथयात्रा, कलशारोहण व ध्वजारोहण के साथ समापन होगा। प्रदेश के प्रथम दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में पहली बार 111 फीट ऊंची धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी। इसी दिन मुन्नालाल टकसाली को जिनेश्वरी दीक्षा भी प्रदान की जाएगी।



















