जयपुर। राजधानी जयपुर में 97 बस्तियों में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से जयपुर की 97 बस्तियों में सामाजिक समरसता और हिन्दू एकता को सुदृढ़ किया गया। परिवारों में सामूहिक रूप से एक समय साथ बैठकर भोजन करने का आग्रह किया गया। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से तीन संकल्प दिलाए गए — पानी बचाएंगे, वृक्ष लगाएंगे और प्लास्टिक हटाएंगे । साथ ही सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्र प्रथम की भावना को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया गया।
भारत को शक्तिशाली बनाने के लिए हिन्दू एकता आवश्यक है : निंबाराम
जयपुर में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में 2785 सकल हिन्दू समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विशेष रूप से 1500 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर समाज एकता, सामूहिकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया।
सम्मेलन की शुरुआत देशभक्ति गीतों के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में फागोत्सव/भागोत्सव का भी आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को बल मिला।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने अपने संबोधन में कहा कि यदि विश्व में शांति स्थापित करनी है तो भारत को शक्तिशाली बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत को शक्तिशाली तभी बनाया जा सकता है जब यहां के लोग अपने वर्तमान स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन लाकर मूल स्वभाव अर्थात हिंदू स्वभाव को अपनाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि “हिंदू” शब्द किसी विशेष पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रहित सर्वोपरि मानते हुए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए, तभी भारत विश्व मंच पर सशक्त और मार्गदर्शक भूमिका निभा सकेगा।
कुटुंब में संवाद व सामाजिक एकता देश की अखंडता के लिए महत्वपूर्ण: जसवंत खत्री
झोटवाड़ा स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में सकल हिन्दू समाज द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 3500 समाजबंधु उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में एकता, समरसता एवं जागरूकता का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जसवंत खत्री (राजस्थान क्षेत्र कार्यवाह) ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज की सुदृढ़ता का आधार कुटुंब है। यदि परिवार के भीतर संवाद सशक्त होगा तो समाज स्वतः सशक्त बनेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि कुटुंब के अंदर नियमित संवाद स्थापित करें तथा सामाजिक जीवन में उत्पन्न किसी भी प्रकार की भिन्नताओं को दूर कर समरस समाज का निर्माण करें।
सम्मेलन में हथोज धाम के संत महामंडलेश्वर बालमुकुंदाचार्य का भी सान्निध्य प्राप्त हुआ।
अन्य स्थानों पर आयोजित सम्मेलन
त्रिवेणी नगर सामुदायिक केंद्र 2500 से अधिक समाजबंधुओं की सहभागिता रही। क्षेत्र के 8 मंदिरों से लगभग 1300 महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा निकाली। “जय श्री राम” के घोष के साथ यात्रा सामुदायिक केंद्र पहुँची। संत श्री 1008 मनोहर दास जी महाराज (चिंताहरण काले हनुमान मंदिर) एवं युवाचार्य स्वामी राघवेंद्राचार्य जी महाराज (गलता पीठ) ने सनातन संस्कृति पर प्रकाश डाला। महानगर सहकार्यवाह डॉ. रामदयाल ने सामाजिक समाधान, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी एवं कुटुंब प्रबोधन पर बल दिया।

विवेकानंद बस्ती, विवेकानंद नगर
विवेकानंद बस्ती में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। क्षेत्रवासियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, “पंच परिवर्तन” तथा कुटुंब प्रबोधन पर विशेष बल दिया गया। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। 1321 लोगों की उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता अशोक शर्मा ने “पंच परिवर्तन” को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
त्रिवेणी बस्ती, गोपाल नगर / आनंद विहार बस्ती
त्रिवेणी बस्ती में सम्मेलन के दौरान धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। स्थानीय मंदिरों से निकली कलश यात्रा ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। वक्ताओं ने सामाजिक समरसता और संगठित समाज की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। लगभग 550 समाजबंधुओं की सहभागिता के साथ सम्मेलन सम्पन्न हुआ।
दुर्गापुरा बस्ती
संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य कलश यात्रा के साथ सम्मेलन आयोजित। मुख्य वक्ता पूरण सिंह (प्रांत संगठन मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) ने “पंच परिवर्तन” और भारतीय कुटुंब व्यवस्था के संरक्षण का आह्वान किया। “ग्रीन मैन” विष्णु लाम्बा ने पर्यावरण संरक्षण एवं सिंगल यूज़ पॉलीथिन पर रोक की शपथ दिलाई। सांगानेर गोशाला के महंत महामंडलेश्वर बालकृष्ण जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। साहित्यकार ओमप्रकाश शर्मा का सम्मान किया गया।
शांति नगर, गोपाल नगर
गोपाल नगर एवं आनंद विहार बस्ती में आयोजित सम्मेलन में समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त परिवार व्यवस्था, सामाजिक समन्वय और जातिगत भेदभाव समाप्त करने का संदेश दिया गया। कलश यात्रा एवं सामूहिक संकल्प के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ। 21 फरवरी को वाहन रैली एवं 22 फरवरी को कलश यात्रा के साथ सम्मेलन आयोजित। मुख्य वक्ता अमितोश पारीक (विश्व हिंदू परिषद) ने संगठित समाज और सामाजिक एकता पर बल दिया। विभिन्न वक्ताओं ने जातिगत भेदभाव समाप्त कर समरस समाज निर्माण का संदेश दिया।
शिवाजी बस्ती (डी-ब्लॉक एवं सेक्टर-9)
पीपलेश्वर महादेव मंदिर से मंगल कलश यात्रा निकाली गई। मुख्य वक्ता दिनेश मणिरत्नम ने भारतीय इतिहास एवं पंच परिवर्तन पर विचार रखे। आशीर्वचन आशीष जी महाराज ने दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. वरुण त्यागी, एमएनआईटी ने शिक्षा और संस्कारों के समन्वय की आवश्यकता बताई।
बरकत नगर
1500 समाजबंधुओं की उपस्थिति में सम्मेलन सम्पन्न। वंदे मातरम् का पूर्ण गायन किया गया। बरकत नगर स्थित मधुबन बस्ती में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् गीत से हुई। तीन मंदिरों से लगभग 500 माताओं-बहनों द्वारा विशाल कलश यात्रा निकाली गई। आयोजन में कुल 1500 से अधिक सकल हिन्दू समाज ने भाग लिया, जिनमें लगभग 700 मातृशक्ति का विशेष प्रतिनिधित्व रहा।
समारोह में वृंदावन धाम के परम श्रद्धेय रामानंद प्रभु जी महाराज का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने प्रवचन में सनातन धर्म की महत्ता और ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एस.एन. शर्मा ने की, वहीं बीरेंद्र पांडेय ने समाज जीवन में “पंच परिवर्तन” की आवश्यकता और उसके सकारात्मक प्रभावों पर प्रेरक विचार व्यक्त किए।
आदर्श नगर (बीस दुकान)
भगत सिंह पार्क में लगभग 1000 लोगों की उपस्थिति। 201 महिलाओं की कलश यात्रा, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मुख्य वक्ता हरि शंकर (संघचालक) ने संगठित समाज को राष्ट्र की शक्ति बताया। संत राघवेंद्र महाराज (गलता पीठ) का सान्निध्य प्राप्त हुआ।
निर्माण नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन सम्पन्न, सामाजिक समरसता का संदेश
संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में निर्माण नगर के पार्श्वनाथ बस्ती में सकल हिन्दू समाज द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिव हनुमान मंदिर से निकली कलश यात्रा श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर होते हुए विष्णु मैरिज गार्डन पहुंची, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। मुख्य वक्ता शंकरलाल (अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने समाज को संगठित रहने, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा पर्यावरण विषयक लघु नाटिका, मातृशक्ति द्वारा शौर्य प्रदर्शन एवं युवाओं द्वारा पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया तथा अंत में सामूहिक भोज के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
विराट हिन्दू सम्मेलन का सफल आयोजन, 4500 से अधिक श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति
नारायण विहार स्थित क्षेत्र में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत सफल एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 4500 से अधिक श्रद्धालुओं एवं समाज बंधुओं की उपस्थिति रही। सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू समाज को एकजुट करना तथा सांस्कृतिक जागरण को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें लगभग 1500 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कलश यात्रा नारायण विहार क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों — असरपुरा, श्रृंगारपुरा एवं गणतपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से निकलकर सम्मेलन स्थल तक पहुँची। महिलाओं की अनुशासित एवं श्रद्धापूर्ण भागीदारी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सम्मेलन में संतों का विशेष आशीर्वचन प्राप्त हुआ। पूज्य मोहनदास जी महाराज (चिन्ताहरण काले हनुमान जी वाले) ने अपने उद्बोधन में धर्म, संस्कार एवं सामाजिक एकता का संदेश दिया।
साथ ही दिनेश मणिरत्नम, प्रांत व्यवस्था प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बौद्धिक भी प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने समाज संगठन, सांस्कृतिक जागरण एवं राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में सभी जाति, वर्ग एवं समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे सामाजिक समरसता और एकता का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ। आयोजन समिति एवं समाज बंधुओं के संयुक्त प्रयास से यह कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सफल रहा। आयोजकों ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं, मातृशक्ति एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए समाज का सहयोग अपेक्षित किया।




















