जयपुर। सांगानेर जगतपुरा महल रोड स्थित मुंबई हॉस्पिटल के पास 11- रामचंद्रपुरा में जन कल्याण संस्थान के तत्वावधान में पंच दिवसीय श्रीराम परिवार मंदिर की भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न्याणा मठ अलवर के संत बालक दास महाराज ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में मातृ शक्ति की अहम भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में मातृ शक्ति को यह संकल्प करना चाहिए कि हमारे कुटुंब की व्यवस्था एवं हमारे जो परस्पर रिश्ते हैं। उन रिश्तों को बनाए रखने के लिए कम से कम घर में चार से पांच संतान का होना बहुत जरूरी है। संतान हमारे घर में होगी तो ही हमारे रिश्ते और परिवार सुरक्षित होंगे। इसलिए मातृ शक्ति जितनी चेतन होती है, मातृ शक्ति चेतना के रूप में राष्ट्र की सजीव चेतना है।
जिस मां को राष्ट्र की पीड़ा होती है उसी की संतान राष्ट्र धर्म का निर्वहन करने के लिए तत्पर रहती है। प्रत्येक मां चाहती है की राम जैसा आज्ञाकारी पुत्र हो। इसके लिए संस्कार देने का काम माताओं का है। पंच परिवर्तन कुटुंब, प्रबोधन, प्रकृति एवं वनस्पति के साथ माता सीता ने अपने पुत्र लव-कुश को पहले ही बता दिया था कि वृक्षों में प्राण होते हैं।
गाजे-बाजे के साथ निकाली भव्य कलश यात्रा
इस अवसर पर सुबह कलश यात्रा ग्राम विधानी के पंकज योगीराज आश्रम हनुमान मंदिर पीपली चौराह जगतपुरा से बैंड बाजे की मधुर धुनों पर महिलाओं के द्वारा गंगे मैया के भजनों पर भक्ति भाव नृत्य के साथ प्रारंभ होकर जन कल्याण संस्थान श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के स्थल पर पहुंची, जहां संत महात्माओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा पुष्प वर्षा कर जय श्रीराम के नारों के साथ कलश यात्रियों का स्वागत किया गया। इसके बाद पांच दिवसीय अनुष्ठान के आचार्य चंद्रशेखर पारीक के द्वारा गणपति पूजा, मंडप प्रवेश, सर्व देव पूजन, हवन, यज्ञ, सहित अनेक देवताओं का आह्वान कर उनकी पूजा की गई।
इस मौके पर कार्यक्रम में धर्मजागरण के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के रामप्रसाद, प्रांत प्रमुख अमर सिंह राजपुरोहित, अशोक शर्मा रामपुरा, विमल बागड़ा, डॉ. राकेश मीणा, संघ के विभाग प्रचारक लक्षमण सिंह, जनकल्याण समिति के अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।




















