जयपुर। रमजान मुबारक का आखिरी अशरा चल रहा है और हर तरफ लोग नेकिया बटोरने में लगे हैं वहीं दरगाह मीर कुर्बान अली में कई दाहियों से रमजान के तीन रोजा का आयोजन होता है 16, 25 व 29 वें रोज़ो पर हर साल हजारों रोजेदार इफ्तार करने पहुंचते हैं इस बार भी बड़े पैमाने पर रोजा इफ्तार का प्रोग्राम आयोजित हुआ।
दरगाह की खास बात यह है कि सिर्फ रोज़ेदार ही नहीं बल्कि हर मस्लक और गैर मुस्लिम भी इस इफ़्तार प्रोग्राम में शिरकत करते हैं सज्जादानशीन डॉक्टर सैयद हबीब उर रहमान नियाजी ने कहा कि रमजान का महीना बड़ी बरकतों रहमतों और नेकियां कमाने का है और अल्लाह ने अपने बंदों के लिए इसी महीने को उनके लिए कुरआन नाजिल किया ताकि बंदे अपने रब के करीब हो और उन्हें दूसरों की भूख और प्यास का एहसास हो सके।
नायाब से ज्यादा नशीन सय्यद फैज उर रहमान नियाजी ने कहा कि जिस तरह से इस मुकद्दस महीने में लोगों ने इबादत की है इसी तरह अपनी आने वाले वक्त में भी इसी तरीके से इबादत करें उन्होंने कहा अगर कोई किसी को रोजा इफ्तार करवाता है तो रोजा इफ्तार करवाने वाले को रोज़े का सबाब मिलता है और रोज़ेदार के सबाब में कहीं कमी नहीं होती इसी अशरे में एहतकाफ में लोग मस्जिदों में बैठते हैं ताकि वो दुनिया से कट कर सिर्फ रब की इबादत कर सके।




















