जयपुर। अजमेरी गेट स्थित नेहरु बाजार में शनिवार देर रात करीब साढे़ 12 एक दुकान का बरामदा भर-भराकर नीचे गिर पड़ा। व्यापारियों को हादसे की जानकारी रविवार सुबह दुकान पहुंचने पर चली। गनीमत रहीं की ये हादसा दिन में नहीं हुआ। नहीं तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। बताया जा रहा है इस हादसे को लेकर व्यापारियों ने दस दिन पूर्व ही नगर निगम प्रशासन की ज्ञापन सौपा था और बरामद की मरम्मत करने की मांग की थी। लेकिन लिखित शिकायत देने के बाद भी प्रशासन बड़े हादसे का इंतजार करता रहा।
गौरतलब है हादसे के बाद व्यापारियों ने रविवार को अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और नगर निगम प्रशासन ने बरामदो की मरम्मत की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि इस दिन गुलाबी नगरी जयपुर में घुमने के लिए देश-प्रदेश से काफी पर्यटक आ रहें है। लेकिन मेटिनेंस के अभाव के चलते परकोटे के बाजार की हालत दिन -प्रतिदिन बिगड़ती जा रहीं है। परकोटे के बरामदो को लेकर दस दिन पूर्व नगर निगम प्रशासन को चेताया गया था। लेकिन नगर निगम प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं गया। ये तो गनीमत रहीं की ये हादसा दिन में नहीं हुआ, अगर होता तो नगर निगम की अनदेशी पर्यटको पर भारी पड़ती और जिस विरासत को देखने के लिए टूरिस्ट जयपुर आ रहे हैं, उसी की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो जाता। कई दिनों से बरामदे के पिलर नीचे जमीन में धंस गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
दुकानो के नीचे है नहर , जिसके पानी से जर्जर हुए पिलर
बताया जा रहा है कि दुकानों के नीचे नहर है उसके नीचे से निकलने वाले पानी से बरामदों की हालत खराब हो चुकी है। बरसाती पानी के कारण बरामदों के खंभे जमीन में धंस गए है और जमीन भी कमजोर हो चुकी है। गौरतलब है की 17 दिसंबर को नगर निगम उपायुक्त को स्थानीय व्यापारियों ने लिखित शिकायत दी थी ओर दुकान नंबर 173 से 177 तक के बरामदों को मरम्मत करवाने के लिए आग्रह किया था। पिलर जमीन में धसने से दुकानों की छतों में भी दरारे आ गई है। जिसके चलते दुकान की छत भी नीचे गिरने का खतरा बना हुआ है।
28 दिसम्बर 2025 की देर रात हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 28 दिसम्बर 2025 की देर रात भी नेहरु बाजार में बरामदे की छत गिरने की घटना सामने आई थी। जिसमें कुछ दुकानों के आगे के बरामदे ढह गए थे। यह हादसा दुकान नंबर 175 से 177 के सामने हुआ था। तब भी गनीमत ये रहीं की यह हादसा देर रात हुआ। जिसके चलते जनहानि नहीं हुई।




















