गोविंद धाम में सजी शरदोत्सव की विशेष झांकी

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A special tableau of Sharad Utsav decorated at Govind Dham
A special tableau of Sharad Utsav decorated at Govind Dham

जयपुर। छोटीकाशी के सभी मंदिरों में शरद पूर्णिमा एक उत्सव के रूप में मनाई गई। शाम होते ही मंदिरों में खीर बनाना शुरू हो गया। चंद्रमा की रोशनी में बनी खीर का भगवान को भोग लगाकर देर रात बाद वितरण किया गया। इस दौरान मंदिरों में भजन संध्याएं भी हुईं।
जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जहां सुबह मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में वेद मंत्रोच्चार के साथ ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक कर एकदम सफेद रंग की नवीन पोशाक धारण कराई गई।

विशेष अलंकार श्रृंगार और पुष्प श्रृंगार किया गया। मंगला झांकी में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। यही स्थिति राजभोग झांकी के दौरान रही। ठाकुर श्रीजी को खीर और खीरसा का भोग लगाया गया। श्रृंगार झांकी में ठाकुरजी का श्रृंगार आकर्षण का केन्द्र रहा। शरदोत्सव की विशेष झांकी के दर्शन शाम 7.15 से 7.30 बजे तक हुए।

मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर श्रीजी के समक्ष शरदोत्सव में विशेष खाट सजाई गई। इसमें शतरंज, चौसर की बाजी सजाई गई। वहीं गाय, धूप दान, इत्र दान, पान दान से खाट को सुसज्जित किया गया। इस झांकी के दर्शन करने श्रद्धालु उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए झांकी का समय बढ़ाना पड़ा।

सरस पदावलियों से सरस बिहारी का गुणगान

सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय की प्रधान पीठ श्री सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सानिध्य में शरदोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि ठाकुरजी को केसरिया खीर सहित अन्य मिष्ठ व्यंजनों का भोग अर्पण किया गया। श्री शुक संप्रदाय के आचार्यों द्वारा रचित पदों का गायन कर श्री राधा सरस बिहारी सरकार को रिझाया गया। मुख्य रूप से महारास और वेणु वादन की पदावलियों का गायन किया गया।

मंदिर श्री प्रेमभाया- युगल कुटीर

श्री प्रेमभाया मंडल समिति की ओर से चांदपोल बाजार के जयलाल मुंशी का रास्ता स्थित युगल कुटीर में श्री प्रेमभाया सरकार का शरद चांदनी उत्सव सोमवार को मनाया गया। समिति के अध्यक्ष दुर्गा चौधरी ने बताया कि श्री प्रेमभाया सरकार को धवल पोशाक धारण करा कर ऋतु पुष्पों से श्रृंगार किया गया। प्रवक्ता लोकेश शर्मा ने बताया कि खीर का भोग लगाया गया। रात्रि 8 से 11 तक भक्ति संगीत कार्यक्रम हुआ। युगल किशोर शास्त्री रचित ढूंढाड़ी भाषा की रचनाओं से ठाकुर जी का गुणगान किया गया। श्रद्धालुओं को चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर का प्रसाद वितरित किया गया।

ठाकुर जी के सामने बिछाए चौपड़-पासा

समाज श्री सीताराम जी समिति की ओर से छोटी चौपड़ स्थित श्री सीताराम जी मंदिर में मनाए गए शरद महोत्सव में श्री सीताराम जी को सफेद नई पोशाक धारण कराई गई। ठाकुर के आगे चौपड़ पासा बिछाया गया। रात्रि 10 बजे बाद औषधीयुक्त खीर का वितरण किया गया। यहां चन्द्रमा मंदिर के चौक से बिल्कुल साफ नजर आया। उसी समय भगवान राम एवं सीता को खीर का भोग लगाया गया। राम बाबू झालानी ने बताया कि उत्सव के दौरान ठाकुर श्री सीताराम जी को रास के भजन सुनाए गए। वैद धर्म चंद खीर में दमे की औषधि मिलाकर सभी भक्तों को रात्रि 10 बजे वितरित की।

यहां भी सजी झांकी

शरद पूर्णिमा पर पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथजी मंदिर, चौड़ा रास्ता के राधा दामोदर, मदन गोपाल, रामगंज बाजार के लाड़ली जी, गलता तीर्थ, अक्षय पात्र, अक्षरधाम, इस्कॉन मंदिर सहित अन्य सभी मंदिरों में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शाखा स्थानों पर शरद पूर्णिमा के चंद्रमा की रोशनी में रात्रि कालीन शाखा लगी। वक्ताओं के बौद्धिक हुए। उसके बाद चंद्रमा की चांदनी में रखी खीर का वितरण किया गया।

घर-घर बनी खीर: छतों पर देर रात तक चंद्रमा को निहारा

शरद पूर्णिमा सोमवार को विशेष योग-संयोग में मनाई गई। घर-घर में खीर बनाकर खुले आसमान तले चंद्रमा की रोशनी में रखी गई। चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसने की मान्यता के चलते देर रात तक लोग छतों पर चंद्रमा को निहारते रहे। लोगों ने इस दौरान मनोरंजक खेले खेले। सुई में धागा पिरोने की प्रतियोगिता हुई। छोटे-बड़े सभी मंदिरों में शरद पूर्णिमा पर्व के रूप में मनाई गई। ठाकुरजी का धवल श्रृंगार कर चांदी के पात्र में खीर का भोग लगाया गया। शरद पूर्णिमा को चंद्रमा शाम करीब साढ़े पांच बजे ही उदित हो गया था मगर बादलों के कारण ज्यादातर स्थानों पर काफी समय बाद ही नजर आया। सोलह कलाओं से युक्त चंदमा संपूर्ण गोलाकार में चांदी की तरह चमकता नजर आया।

श्री खोले के हनुमान मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव

श्री खोले के हनुमान मंदिर में शरद पूर्णिमा पर 851 किलो दूध की खीर का वितरण किया । श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि मंदिर में हर वर्ष की भांति ब्रह्मलीन पंडित राधेलाल चौबे जी की प्रेरणा से शरद पूर्णिमा के दिन 851 किलो दूध की खीर का वितरण किया। शरद पूर्णिमा के दिन रात्री 12 बजे चांद की रोशनी में 851 किलो औषधी युक्त खीर का भोग लगाया इस अवसर पर अस्थमा रोगियों के लिए खीर प्रसादी की अलग से व्यवस्था की गई । श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि श्री खोले के हनुमान मंदिर में हनुमान जी महाराज की फूल बंगले की झांकी सजाकर खीर का भोग लगाया । मंदिर प्रांगण में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन हुआ । सुंदरकांड पाठ के उपरांत हनुमान जी महाराज की महाआरती हुई । आरती के पश्चात खीर का भोग प्रसादी भक्तों में वितरित की गई ।

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