जयपुर। एक पखवाड़े तक श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मना कर अब छोटीकाशी प्रथम पूज्य गणपति का जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाएगी। गणेश मंदिरों में इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी 27 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके चलते मोती डूंगरी गणेश मंदिर में बुधवार से नौ दिवसीय के कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। जन्मोत्सव के पहले बुधवार को सवा लाख मोदकों की झांकी सजाई गई। इस झांकी का मुख्य आकर्षण 251-251 किलो के दो बड़े मोदक रहे।
इनके साथ ही 51 किलो के 5 मोदक, 21 किलो के 21 मोदक और 1.25 किलो के 1100 मोदक भी भगवान को भोग लगाए गए। हजारों छोटे मोदकों से भी श्रृंगार कर प्रथम पूज्य को विशेष भोग लगाया गया। साथ ही भगवान गणेश को माणक-पन्ना जड़ित विशेष मुकुट धारण कराया गया। दर्शनों के लिए भक्तों की सुबह 5 बजे से ही भीड़ लग गई थी।
मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि मोदकों को तैयार करने में 14 हजार 600 किलो सामग्री का उपयोग किया गया। इसमें 2 हजार 500 किलो घी, 3 हजार किलो बेसन, 9 हजार किलो शक्कर और 100 किलो मेवा शामिल रहा। झांकी में सजाए गए मोदकों को भक्तों के लिए प्रसाद स्वरूप निशुल्क वितरित किया गया। मोदक भगवान गणेश का प्रियतम भोग माना जाता है। यही वजह रही कि भक्तों ने प्रसाद स्वरूप मिले मोदकों को भगवान का आशीर्वाद मानकर ग्रहण किया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
कलश यात्रा के साथ मोती डूंगरी आएगी महिलाएं
21 अगस्त को श्री गणेश का पुष्य नक्षत्र अभिषेक किया जाएगा। पंचामृत 251 किलोग्राम दूध, 25 किलोग्राम बूरा, 50 किलोग्राम दही, 11 किलोग्राम शहद और 11 किलोग्राम घी मिलाकर बनाया जाएगा। इस मौके पर 501 महिलाएं कलश यात्रा लेकर मोती डूंगरी पहुंचेगी।