हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में घुमंतू समाज की बस्ती में शुरू हुई आपणी पाठशाला

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Aapni Pathshala started in the settlement of nomadic community
Aapni Pathshala started in the settlement of nomadic community

जयपुर। भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन भारत 2047 के तहत विकसित भारत अवधारणा को मजबूत करने के लिए व्यवस्थित भारत की श्रृंखला में रविवार को जयपुर शहर की घुमंतू समाज की बस्ती में चतुर्थ आपणी पाठशाला का शुभारंभ जाने-माने उद्योगपति समाज सेवक अजय अग्रवाल ने मुख्य आतिथि के रूप् में किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा, अंबेडकर विचार मंच से जुड़े प्रमुख समाजसेवी सीएम चंदोलिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कच्ची बस्ती के बच्चों के लिए कच्ची बस्ती में ही कच्चे रूप में निर्मित आपणी पाठशाला के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए अजय अग्रवाल ने बताया कि आज प्रधानमंत्री मोदी तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकसित भारत की ओर आगे बढ़ रहा है। लेकिन इस समय हमें उन क्षेत्रों में कार्य करना जरूरी है, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों ने छोड़ दिए हैं ।

भारत जोड़ो मिशन सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष तथा घुमंतू समाज हित में कार्य करने वाले अग्रणी समाज सेवकों में शामिल अनीष कुमार नाडार ने बताया कि घुमंतू समाज भारतीय परंपरा में राष्ट्र धर्म को निभाने वाले महान योद्धाओं में शामिल रहे हैं । अब जब हम हमारी संस्कृति और परंपरा को पुन जीवित कर रहे हैं । ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि हमारी आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले घुमंतू समाज की बस्तियों में भी विकास का उजाला पहुंचे और और उनके बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ा जाए।

क्योंकि अधिकतर कच्ची बस्तियों में मजदूर लोग निवास करते हैं । जो बच्चों को स्कूल में छोड़ने और लाने की व्यवस्था नहीं रख पाते हैं और ना ही उनके पास शिक्षित करने के लिए पर्याप्त संसाधन ही होते हैं। ऐसे में उनके बच्चे अशिक्षित ही बस्ती में अपना समय व्यतीत करते रहते हैं ।

इस समय को अगर सदुपयोग करते हुए राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए और शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए इस्तेमाल किया जाए तो कच्ची बस्ती में रहने वाले होनहार बच्चों में से भी वैज्ञानिक इस और आईपीएस बन सकते हैं और हम ही इस संभावना को चरितार्थ करने के लिए ही कच्ची बस्तियों में ही कच्ची झोपड़ियां के रूप में अआपणी पाठशाला की यह श्रृंखला आगे बढ़ा रहे हैं।

पाठशाला में शिक्षा तथा बच्चों में चरित्र के निर्माण कार्य में कंपटीशन कोचिंग क्लासेस पूर्ण रूप से सहयोग कर रहा है। इस सहयोग के लिए कंपटीशन कोचिंग के संचालक तथा उनके स्टाफ का भी इस अवसर पर मुख्य अतिथि अजय अग्रवाल ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।

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