जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जल जीवन मिशन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। उन्हें दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया। पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ जेजेएम घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी था।
एसीबी के महानिदेशक (डीजी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि जल जीवन मिशन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में कार्रवाई करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। वहीं साल 2024 में शुरू हुई जांच में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी फरार है।
गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी मे मामला दर्ज होने के बाद सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं कर करीब 960 करोड़ रुपए के कार्य प्राप्त किए गए। मामले में विभिन्न फर्मों और उच्च स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापक भ्रष्टाचार किया जाना सामने आया है।
जांच में यह भी सामने आया कि बड़े प्रोजेक्ट्स (50 करोड़ रुपए से अधिक) की निविदाओं में नियमों के विपरीत शर्तें जोड़कर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, जिसमें 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक प्रीमियम पर टेंडर स्वीकृत किए गए। इन टेंडरों की कुल राशि करीब 20 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है।
एसीबी ने बताया कि इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए हैं और उन्हें घोषित अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।
गौरतलब है कि एसीबी ने जेजेएम घोटाले को लेकर 17 फरवरी को बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 जगहों पर छापेमारी की गई थी। जांच में फर्जी बिल, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता सामने आई थी। 17 फरवरी को ही सुबोध अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की गई थी। इसी दिन जलदाय विभाग के 9 अफसरों को पकड़ा गया था।
18 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था। प्रकरण में विस्तृत जांच जारी है और तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है तथा आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।




















